Home दुनिया राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति ने फिदेल कास्त्रो के निधन पर शोक जताया

राष्ट्रपति, उप-राष्ट्रपति ने फिदेल कास्त्रो के निधन पर शोक जताया

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क्यूबा, राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी और उप-राष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी ने आज क्यूबा के क्रांतिकारी नेता फिदेल कास्त्रो के निधन पर शोक प्रकट किया । राष्ट्रपति ने कहा कि भारत कास्त्रो की यादें हमेशा सहेज कर रखेगा । क्यूबा गणराज्य के राष्ट्रपति रॉल कास्त्रो रूज को भेजे एक संदेश में प्रणब ने कहा कि फिदेल कास्त्रो भारत के दोस्त थे । अपने लोगों की आजादी और प्रगति की खातिर उनके संघर्ष के लिए भारत के लोग उनके प्रशंसक हैं ।क्यूबा में क्रांतिकारी फिदेल कास्त्रो ने 83 लोगों के साथ क्रांति की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे अपने समाजवादी नीति के साथ फिदेल कास्त्रो क्यूबा की जनता के पसंदीदा नेता बन गये और लंबे समय तक राष्ट्रपति रहे. उन्होंने अपनी समाजवादी नीतियों के साथ साम्राज्यवाद व पूंजीवाद से मुकाबला किया और लोहा मनवाया. शहर के बुद्धिजीवियों, रंगकर्मियों व वामपंथियों ने फिदेल के निधन पर उक्त विचार व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी.
फिदेल कास्त्रो के निधन होने पर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबिका प्रसाद, जिला सचिव सुधीर शर्मा, सीपीआइएम के जिला मंत्री दशरथ प्रसाद, मनोहर मंडल, सीपीआइएमएल के जिला सचिव विंदेश्वरी मंडल, एसके शर्मा, प्रवक्ता मुकेश मुक्त, एसयूसीआइ के दीपक कुमार मंडल, रोशन कुमार रवि आदि ने गहरी संवेदना व्यक्त की.
क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति फिदेल कास्त्रो न केवल क्यूबा की मुक्तिगामी जनता, बल्कि पूरी दुनिया की मुक्तिगामी जनता की आवाज के प्रतीक थे. जिस तरह से पूरी दुनिया में बाजारवाद और साम्राज्यवाद के खिलाफ उन्होंने जबरदस्त मुखालफत की और अमेरिकी साम्राज्य को चुनौती दी, यह अपने-आप में बड़ी घटना है. फिदेल कास्त्रो का करिश्माई व्यक्तित्व था. अंतत: अमेरिकी प्रशासन को उनके सामने झुकना पड़ा. अमेरिका ने क्यूबाई लोगों की खातिर अपने दरवाजे खोले. गुट निरपेक्ष आंदोलन के एक बड़े स्तंभ थे. इस रूप में भी आनेवाली पीढ़ी अपने जननायक की तरह उन्हें युगों-युगों तक याद करती रहेगी. उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि है.

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