Home दिल्ली सुप्रीम कोर्ट और सरकार में सीधा टकराव

सुप्रीम कोर्ट और सरकार में सीधा टकराव

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नई दिल्लीः उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर न्यायपालिका और कार्यपालिका के बीच आज उस वक्त एक बार फिर तकरार सामने आयी जब उच्चतम न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश टी. एस. ठाकुर ने न्यायाधीशों की नियुक्तियों को लेकर केंद्र सरकार के उदासीन रवैये की आलोचना की। न्यायमूर्ति ठाकुर ने केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) के अखिल भारतीय सम्मलेन में अपने संबोधन के दौरान न्यायाधीशों की कमी का उल्लेख तो किया ही, न्यायाधाकिरणों की खस्ताहाल स्थिति का भी जिक्र किया। 2016_11image_16_17_574961147ravishankarprasad-ll
सरकार ने मुख्य जस्टिस के इस आरोपों पर जवाब देते हुए ठाकुर के आरोप को सही नहीं बताया है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सम्मान के साथ पलटवार करते हुए कहा कि हमने कुल 120 जजों की नियुक्ति की है। बाकी नियुक्ति भी प्रक्रिया में है जो कि निरंतर चलने वाली एक प्रक्रिया है। रविशंकर प्रसाद ने कहा, हम आदर के साथ उनसे (चीफ जस्टिस से) सहमत नहीं. हमनें इस साल 120 नियुक्तियां की हैं। 1990 के बाद से केवल 80 नियुक्तियां की गई हैं। निचली अदालतों में 5000 पद खाली हैं, जिनमें केंद्र सरकार की कोई भूमिका नहीं। इस पर तो न्यायपालिका को ही कदम उठाने है। जहां तक बुनियादी ढांचों और सुविधाओं की बात है तो यह सतत जारी रहने वाली प्रक्रिया है। जस्टिस टीएस ठाकुर इससे पहले भी कई बार अदालतों में जजों की कमी का मुद्दा उठा चुके हैं। इसी साल अप्रैल में एक कार्यक्रम के दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदी में जजों की कमी का मुद्दा उठाते हुए भावुक हो गए थे। images (22)

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