Home खेल जालंधर के 10 हॉकी प्लेयर्स ने जिताया जूनियर वर्ल्ड कप

जालंधर के 10 हॉकी प्लेयर्स ने जिताया जूनियर वर्ल्ड कप

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बेल्जियम को फाइनल में 2-1 से हराकर रविवार को जूनियर हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम करने वाली भारतीय टीम के कप्तान हरजीत सिंह ने कहा कि यह खिताब पिछले कुछ वर्षो से टीम द्वारा की गई अथक मेहनत और तैयारियों का नतीजा है।
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घरेलू दर्शकों के सामने भारतीय टीम ने दमदार प्रदर्शन किया और पूरे मैच के दौरान बेल्जियम पर हावी रहे।_93020684_2b8f7445-abd8-4f7d-b526-c3c3c1ff4ca4
भारत ने गुरजंत सिंह और सिमरनजीत सिंह के दो शानदार फील्ड गोलों की बदौलत बेल्जियम को 2-1 से हराते हुए 15 वर्ष के अंतराल के बाद दोबारा जूनियर हॉकी विश्व कप का खिताब अपने नाम किया।
“यह एक शानदार जीत है और हम इसके हकदार थे। हम पिछले दो वर्षो से इस टूर्नामेंट के लिए कठिन मेहनत कर रहे थे। हमने टूर्नामेंट-दर-टूर्नामेंट खुद में सुधार किए।_93020642_0d123f22-24de-407e-926c-83dd4291e84b
ग्यारह बरस पहले रोटरडम में कांसे का तमगा नहीं जीत पाने की टीस उनके दिल में नासूर की तरह घर कर गई थी और अपनी सरजमीं पर घरेलू दर्शकों के सामने इस जख्म को भरने के बाद कोच हरेंद्र सिंह अपने आंसुओं पर काबू नहीं रख सके।
भारत के फाइनल में प्रवेश के बाद जब उनसे इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह मेरे अपने जख्म है और मैं टीम के साथ इसे नहीं बांटता। मैंने खिलाड़ियों को इतना ही कहा था कि हमें पदक जीतना है, रंग आप तय कर लो। रोटरडम में मिले जख्म मैं एक पल के लिए भी भूल नहीं सका था। रोटरडम में कांस्य पदक के मुकाबले में स्पेन ने भारत को पेनाल्टी शूट आउट में हराया था।_93020686_52b27484-c192-4643-b974-330e7c16956c
अपने सोलह बरस के कोचिंग कैरियर में अपने जुनून और जज्बे के लिए मशहूर रहे हरेंद्र ने दो बरस पहले जब फिर जूनियर टीम की कमान संभाली, तभी से इस खिताब की तैयारी में जुट गए थे। उनका किरदार चक दे इंडिया के कोच कबीर खान (शाहरुख खान) की याद दिलाता है जिसने अपने पर लगे कलंक को मिटाने के लिये एक युवा टीम की कमान संभाली और उसे विश्व चैम्पियन बना दिया। हरेंद्र ने खिलाड़ियों में आत्मविश्वास और हार नहीं मानने का जज्बा भरा लेकिन सबसे बड़ी उपलब्धि रही कि उन्होंने युवा टीम को व्यक्तिगत प्रदर्शन के दायरे से निकालकर एक टीम के रूप में जीतना सिखाया।

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