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2014-15 में आयकर रिटर्न न भरने वाले 67.54 लाख लोगों की हुई पहचान

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नयी दिल्ली : आयकर विभाग ने ऐसे अतिरिक्त 67.54 लाख लोगों की पहचान की है जिन्हाेंने वित्त वर्ष 2014-15 में रिटर्न जमा नहीं कराया है. आयकर विभाग के हिसाब से उन लोगाें ने वित्त वर्ष के दौरान ऊंचे मूल्य के लेनदेन किए लेकिन आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया. रिटर्न जमा नहीं कराने वालाें का पता लगाने वाली निगरानी प्रणाली (एनएमएस) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने शुरू की थी.
यह प्रणाली संभावित देनदारियों वाले रिटर्न जमा नहीं करने वाले लोगाें की पहचान करती है. सीबीडीटी ने कहा कि आयकर विभाग ने 67.54 लाख ऐसे लोगाें की पहचान की है जिन्हाेंने वित्त वर्ष 2014-15 में ऊंचे मूल्य के लेनदेन किए लेकिन आकलन वर्ष 2015-16 के लिए रिटर्न दाखिल नहीं किया. सीबीडीटी के प्रणाली निदेशालय द्वारा किए गए आंकड़ों के विश्लेषण से ऐसे रिटर्न न जमा कराने वाले लोगों की पहचान की गयी है. नोटबंदी से कालेधन पर चोट करने के बाद सरकार अब कर चोरी करने वालों को पकड़ने में जुट गयी है। इसी दिशा में कदम बढ़ाते हुए आय कर विभाग ने 67.54 लाख लोगों की पहचान की है जिन्होंने वित्त वर्ष 2014-15 के दौरान बड़े लेन-देन तो किए हैं लेकिन आयकर रिटर्न दाखिल नहीं किया है। विभाग अब ऐसे लोगों को नोटिस भेजने की तैयारी कर रहा है।
आयकर विभाग की सूची में ऐसे लोगों का नाम है जिन्होंने मोटा लेन-देन तो किया लेकिन वित्त वर्ष 2014-15 के दौरान रिटर्न नहीं भरा. आयकर विभाग के मुताबिक ऐसे लोगों की संख्या 67.54 लाख है. विभाग ने ऐसे सभी संभावितों की जानकारी इनकम टैक्स के ई-फाइलिंग वेबसाइट पर डाल दिया है. लेकिन ये जानकारी जिन पैन नंबर के लिए दी गयी है, सिर्फ वही व्यक्ति लॉगइन करने के बाद इस जानकारी को देख सकता है. जानकारी के बाद वो अपना जवाब इलेक्ट्रॉनिक स्वरूप मे दे सकते हैं. रिटर्न नहीं दाखिल करने वालों की संख्या लगातार बढ़ी है. 2013 में ये 12.19 लाख थी. जो 2014 में बढ़कर 22.09 लाख और 2015 में 58.95 लाख पर पर पहुंच गई
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केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने गुरुवार को कहा कि आयकर विभाग ने नॉन-फाइलर मॉनिटरिंग सिस्टम के जरिए आय कर रिटर्न दाखिल न करने वालों की यह सूची तैयार की है। आयकर विभाग का सिस्टम महानिदेशालय वार्षिक सूचना रिटर्न, केंद्रीय सूचना ब्रांच और टीडीएस तथा टीसीएस के आंकड़ों का विश्लेषण करके पता लगाया है।

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