Home बड़ी खबरें पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, सामने आया वीडियो

पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, सामने आया वीडियो

250
0

किशनगंज: बिहार में बालू माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के दावे किये जाते हैं लेकिन उनके हौसले अभी भी बुंलद हैं। किशनगंज में छापेमारी के दौरान बालू माफियाओं के एक गिरोह ने छापेमारी करने गई खनन विभाग की टीम पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना में खनन विभाग के एक इंस्पेक्टर और पांच होम गार्ड जवान गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद खनन विभाग की ओर से हमले में शामिल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किये जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, घटना बुधवार दोपहर करीब तीन बजे की है, जब अवैध रूप से बालू उठाव की शिकायत मिलने पर खनन विभाग और होम गार्ड जवानों की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची थी। किशनगंज से खनन विभाग के अधिकारियों की टीम भी मौके पर पहुंची। टीम को आता देख अवैध खनन कर रहे बालू माफिया और उनके गुर्गे ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़कर मौके से भाग गए। उसके बाद 25 से 30 की संख्या में बदमाश लौटकर आए और टीम के सदस्यों पर लाठियों से हमला कर दिया। उनके द्वारा पथराव भी किया गया। टीम ने छिपकर और भागकर अपनी जान बचाई। और पथराव किया।

वीडियो में दिख रहे सभी लोगो को पकडना के गए उस समय ही पास ही झाड़ी में छिपे लगभग एक दर्जन बदमाशों ने लाठी-डंडा व ईंट पत्थर से खनन टीम पर अचानक हमला कर दिया। हमले में कुछ गार्ड व व खनन निरीक्षक घायल हो गए। सभी घायलों का सदर अस्पताल में इलाज करवाया गया। पुलिस ने लोगों से पूछताछ व वीडियो फुटेज के आधार पर हमले में बालू माफिया मनीरुल हक, बादल, आजीजुल, सुख्खा अली, इनामुल हक, सईदुर, कासिम, कादिर, रिजाउल, सुफियान, समेत अन्य शामिल रहे। मौके से बरामद बाइक को चिचुआबाड़ी थाना में रखा गया है।

किशनगंज पुलिस के पदाधिकारी ने बताया कि जब तक स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तब तक हमलावर मौके से भाग निकले और घायल अधिकारियों को इलाज के लिए किशनगंज जिला अस्पताल ले जाया गया। इस हमले में घायल हुए लोगों की पहचान शंभू पासवान, मोहम्मद नसाहद, मोहम्मद इस्माइल, बिपिन कुमार यादव, योगेन्द्र प्रसाद सिंह (होमगार्ड) और खनन निरीक्षक उमाशंकर सिंह के रूप में की गई है। पुलिस ने बिना नंबर वाले बालू लदी एक गाड़ी और एक मोटरसाइकिल को भी जब्त कर लिया। मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और भारी जुर्माना भी लगाया गया है।

इस मामले में खनन निरीक्षक उमाशंकर सिंह के बयान के आधार पर पुलिस ने 21 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों की पहचान मनीरुल हक, बादल, अजीजुल, सुक्खा अली, इनामुल हक, सैदुर, कासिम, कादिर, रिजाउल, सुफियान, अरजाउल, गुलाब, नटफुल, मंजर, मतीरजर, इजौल, मनरुल, बब्लू, जाहुल आलम, कौशर और के रूप में की गई है। पुलिस इस मामले में कार्रवाई कर रही है।

दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार आरोपित महानंदा नदी के चमरानी बालूघाट से अवैध रूप से बालू निकाल कर मटिया भिट्ठा गांव में स्टॉक करता है। पुलिस ने कहा कि नया चौक गंजबारी गांव का निवासी मजबूल रहमान रेत का स्टॉक रखता था और इसे बाजार में ऊंची कीमत पर बेचता था।

खनन विभाग के अनुसार वर्तमान में किशनगंज जिला में किसी भी बालू घाट से उत्खनन कार्य के लिए किसी भी व्यक्ति या संस्थान को कार्यादेश नहीं दिया गया है। उपरोक्त नामित व्यक्तियों द्वारा अवैध खनन क्षेत्र से 102544 सीएफटी बालू का अवैध खनन किया गया है। जिससे सरकार को लगभग 54 लाख 41 हजार 244 रुपए राजस्व की क्षति पहुंचायी गयी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here