Home दिल्ली RBI ने कहा, सरकार की ‘सलाह’ पर लिया नोटबंदी का फैसला

RBI ने कहा, सरकार की ‘सलाह’ पर लिया नोटबंदी का फैसला

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नई दिल्‍ली। संसद की लोक लेखा समिति को दिए अपने जवाब में भारतीय रिजर्व बैंक ने माना है कि केंद्र सरकार ने नोटबंदी से एक दिन पहले ही उनसे सलाह मांगी थी। यानी 8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा करने से ठीक एक दिन पहले आरबीआई से 500 और 1000 रुपए के नोट की कानूनी वैधता खत्म करने के बारे में विचार करने को कहा गया था। हालांकि सरकार अभी तक कहती रही है कि रिजर्व बैंक के केंद्रीय बोर्ड की संस्तुति के आधार पर ही कैबिनेट ने नोटबंदी के प्रस्ताव पर मुहर लगाई थी। नए नोट लाने की योजना के ब्लूप्रिंट के आधार पर 8 नवंबर को आरबीआई के केंद्रीय बोर्ड ने सरकार से 500 और 1000 रुपए के पुराने नोट की कानूनी वैधता खत्म करने की सिफारिश की, जिसे मानते हुए मोदी सरकार ने देर शाम को अपने फैसले का ऐलान कर दिया। संसद की लोक लेखा समिति को मिले नोट के मुताबिक, रिजर्व बैंक के बोर्ड ने महसूस किया कि पुराने नोट वापस लेने के प्रस्ताव लाए जाने के लिए इससे बेहतर कोई और समय नहीं हो सकता है जब महात्मा गांधी सीरिज के तहत नए नोट शुरु किए जा रहे हैं। ऐसे में बिना किसी देरी के पुराने नोट वापस लिए जा सकते है। साथ ही नकल रोकने वाले उपायों के साथ नए डिजाइन वाले नोट बाजार में लाए जा सकते हैं।
urjit-patel_1471698166इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक वित्त विभाग से जुड़ी संसदीय समिति को लिखे अपने 7 पन्नों के जवाब में आरबीआई ने बताया, ‘सरकार ने 7 नवंबर को आरबीआई को 500 और 1000 रुपये के नोटों की कानूनी मान्यता समाप्त करने का सुझाव दिया। सरकार ने बताया कि इससे जाली नोट, काला धन और आतंकवाद की फंडिग की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।’ आरबीआई ने 22 दिसंबर को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्‍पा मोइली की अध्यक्षता वाली इस संसदीय समिति के सामने अपना जवाब सौंपा था। आरबीआई ने अपने जवाब में बताया कि सरकार ने कहा, ‘नकदी की कालेधन में अहम भूमिका होती है। कालेधन के खात्मे से भारतीय अर्थव्यवस्था मजूबत होगी और भारत के विकास पर इसका सकरात्मक असर पड़ेगा। बीतें पांच सालों से 500 और 1000 के नोटों का चलन तेजी से बढ़ा हैं जिससे जाली नोटों की संख्या में भी इजाफा हुआ है।’

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