Home गांधीनगर वाइब्रेंट गुजरात समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने खेला कूट नीतिक दांव

वाइब्रेंट गुजरात समिट में प्रधानमंत्री मोदी ने खेला कूट नीतिक दांव

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गांधीनगर: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8वें वाइब्रेंट गुजरात समिट में कहा कि ऐसा कहा जाता है कि लोकतंत्र शीघ्र परिणाम और सुशासन नहीं प्रदान कर सकता, लेकिन हमने पिछले ढाई साल में देखा है कि यह संभव है. उन्होंने कहा कि हमने अथक प्रयास किया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था दुनिया में सबसे अधिक डिजिटल बने और मैं यह बतानें गर्व महसूस कर रहा हूं कि यह आपके सामने हो रहा है. इस सम्मेलन में पीएम मोदी के संबोधन की कुछ खास बातें- हर बीतते महीने के साथ भारत व्यापार के लिहाज से एक सुगम स्थान बनता जा रहा है.
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आप सभी देखेंगे कि भारत जल्द ही दुनिया में व्यापार करने के लिहाज से सर्वोत्तम स्थल होगा.
आर्थिक सुधारों के लिए हमने कई अहम कदम उठाए हैं- जैसे जीएसटी, आईपीआर, दिवालिया कानून आदि
ग्लोबल रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में उछाल आया है.
‘मेक इन इंडिया’ अब देश का सबसे बड़ा ब्रांड बन गया है.
पिछले साल एफडीआई का प्रवाह अब तक का सर्वाधिक रहा है.
मई 2014 के बाद एफडीआई 130 अरब डालर पर पहुंच गया.
यह भारतीय अर्थव्यवस्था में विदेशी निवेशकों के भरोसे को प्रतिबिंबित करता है.
लाइसेंस की प्रक्रिया तथा मंजूरी, रिटर्न तथा जांच से संबंधित प्रावधानों के लिए निर्णायक कदम उठाए गए हैं
ढाई साल से सरकार ने भारत की क्षमता को हकीकत में बदलने के लिए दिन-रात काम किया है.
मोदी ने समिट के आधिकारिक आयोजन से ठीक पहले आधे दर्जन देशों के मंत्रियों के साथ न सिर्फ औपचारिक मुलाकात की बल्कि द्विपक्षीय वार्ताओं का नेतृत्व भी किया। नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट का आयोजन वैसे तो तमाम वैश्विक कंपनियों के बीच गुजरात की छवि को पेश करने के लिए होता है लेकिन इस वर्ष पीएम नरेंद्र मोदी ने इसे एक कूटनीतिक आयोजन में बदल दिया है। मोदी ने समिट के आधिकारिक आयोजन से ठीक पहले आधे दर्जन देशों के मंत्रियों के साथ न सिर्फ औपचारिक मुलाकात की बल्कि द्विपक्षीय वार्ताओं का नेतृत्व भी किया।

भारत और इजरायल के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता वैसे तो कृषि संबंधों तक ही मुख्यत: सीमित रही लेकिन इसमें मोदी की भावी इजरायल यात्रा को लेकर भी थोड़ी बहुत चर्चा हुई। इजरायल चाहता है कि मोदी जल्द से जल्द वहां जाए। दोनों देशों के बीच कृषि क्षेत्र में पहले से ही काफी सहयोग चल रहा है। मोदी ने यूएई के कैबिनेट मंत्री डॉ. राशिद अहमद बिन फहद के साथ भी हुई द्विपक्षीय वार्ता में भारत का नेतृत्व किया। दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी है कि द्विपक्षीय कारोबार को अगले पांच वर्षो में 60 फीसद बढ़ाया जाएगा। पिछले वर्ष मोदी ने यूएई की यात्रा की थी और कई अहम आर्थिक समझौते हुए थे। वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट के दौरान मोदी ने सोमवार को रूस के डिप्टी पीएम दिमित्री रोजोगिन के साथ भी द्विपक्षीय बैठक का नेतृत्व किया। इस बैठक में भारत व रूस के बीच मौजूदा संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई। इसके अलावा मोदी ने पोलैंड के डिप्टी पीएम पीटर ग्लिंस्की, स्वीडेन की शिक्षा मंत्री अन्ना इक्सट्रोम सर्बिया के पीएम एलेक्जेंडर वुसीक से भी द्विपक्षीय बैठक की है। यह पहला मौका है जब गुजरात में होने वाले इस सम्मेलन को कूटनीतिक तौर पर इतना अहम बना दिया गया है

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