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Budget 2017: अरुण जेटली ने खोला उम्मीदों का पिटारा, टैक्स में दी छूट

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Income Tax: बजट में मिडिल क्लास को टैक्स में बड़ी राहत, आयकर सीमा घटी
किसानों, गरीबों, दलितों, पिछड़ों और समाज के वंचित लोगों के कल्याण को लेकर मोदी सरकार संवेदनशीलता इस बार भी दिख रही है। वित्त मंत्री ने किसानों की आय को दोगुना करने के लिए बागबानी और डेयरी जैसे कृषि से जुड़े अन्य उद्यमों को प्रोत्साहित करने का प्रावधान किया है। अगले वित्त वर्ष में कृषि ऋण 10 लाख रुपये वितरित करने का लक्ष्य रखते हुए किसानों को फसल खराब होने के जोखिम से बचाने वाली फसल बीमा योजना के लिए आवंटन भी बढ़ा है। ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के लिए मनरेगा का बजट 10 हजार करोड़ रुपये बढ़ा है। यही नहीं किसानों की पहुंच बाजार तक बढ़े इसके लिए ग्रामीण सड़कों के विस्तार पर भी वित्त मंत्री ने बजट में ध्यान दिया है।02_02_2017-budgetn02
गरीबों को आवास मुहैया कराने के सरकार के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए अफोर्डेबल हाउसिंग को इन्फ्रास्ट्रक्चर का दर्जा दिया गया है। सरकार ने सरकार के खर्च में 25 फीसद की बढ़ोतरी का ऐलान तो किया है। लेकिन नोटबंदी के बाद अल्पकालिक सुस्ती की आशंका के बीच इसके लिए पूरी राशि प्राप्त हो पाएगी, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। नोटबंदी के बाद मांग में कमी होने के बाद निजी निवेश बढ़ाने को लेकर भी सरकार बहुत अधिक स्पष्ट ऐलान बजट में नहीं कर पायी है।
कालेधन पर रोक लगाने के नोटबंदी के बाद ऐतिहासिक कदम के बाद इस बार डिजिटल अर्थव्यवस्था को खूब बढ़ावा मिला है। लेकिन सबसे अहम यह है कि चुनावी चंदे को पारदर्शी बनाने का हौसला भी सरकार ने दिखाया है। राजनीतिक पार्टियां अब काले धन के बलबूते लोकतंत्र का झंडा बुलंद नहीं कर सकेंगी। उन्हें दो हजार से ज्यादा के हर चंदे का हिसाब किताब देना होगा। बुनियादी ढांचागत क्षेत्र में सरकार का पूरा फोकस परिवहन क्षेत्र के एकीकरण पर है। हो सकता है आने वाले दिनों में सभी परिवहन मंत्रालयों को एक ही मंत्रालय के भीतर लाया जाए। रेल दुर्घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए वित्त मंत्री ने एक लाख करोड़ रुपये का रेल सेफ्टी फंड बनाने का ऐलान किया है। मेट्रो रेल के लिए अलग से कानून बनाने के साथ साथ करीब 18000 करोड़ रुपये और सड़क निर्माण के लिए 64000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। वहीं क्षेत्रीय शहरों को हवाई सेवा से जोड़ने के लिए कर प्रोत्साहन भी दिए गए हैं।
सामाजिक विकास पर सरकार के कदमों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा और स्वास्थ्य पर बजट में पूरा ध्यान रखा गया है। खासतौर पर पांच बड़ी बीमारियों को खत्म करने के लिए समयबद्ध कार्यक्रम चलाने का ऐलान इस दिशा में काफी महत्वपूर्ण है। रोजगार बढ़ाने के लिए मुद्रा कर्ज योजना का आवंटन बढ़ाया है। इसके अलावा रोजगार के अवसर देने वाले सेक्टरों इलेक्ट्रॉनिक, टेक्सटाइल और लेदर उद्योगों के लिए आवंटन बढ़ाया गया है। लेकिन यह प्रावधान रोजगार में कितनी वृद्धि कर पाएंगे यह अभी स्पष्ट नहीं है। वैसे भी नोटबंदी के बाद छोटे उद्यमों में रोजगार काफी प्रभावित हुआ है

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