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फोन कर बम ब्लास्ट की धमकी देने वाले को उधना पुलिस ने किया गिरफ्तार

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उधना पुलिस

सूरत, पिछले कुछ समय में गुजरात में धमकी मिलने के कई बड़े मामले सामने आए हैं. इससे पहले गुजरात में लोकसभा चुनाव के मतदान के ठीक एक दिन पहले 6 मई को 30 से अधिक स्कूलों को बम से उड़ाने की ईमेल के माध्यम से धमकी मिली थी. बाद में जांच पड़ताल के बाद यह सूचना झूठी निकली. धमकी भरे इस ई-मेल का मामला पाकिस्तान से जुड़ा है. इसके अलावा कुछ दिन पूर्व ही सूरत के हिंदू नेता उपदेश राणा को मारने की सुपारी देने के मामले में पुलिस ने मौलवी अबुबकर टीमोल को पकड़ा था. इसमें मौलवी के पाकिस्तान, नेपाल और अन्य देशों के लोगों से मिलकर हिंदू नेताओं को जान से मारने की धमकी देने की बात का खुलासा हुआ था. इसी तरह एक बार फिर सूरत पुलिस कंट्रोल रूम में 11 मई शाम को शहर में तीन जगहों पर बम धमाकों की सूचना मिलने पर क्राइम ब्रांच, एसओजी और पुलिस समेत टीम बम ढूंढने मे जुट गई थी. जिसमें पुलिस ने पूरी रात कॉम्बिंग कर एक युवक को गिरफ्तार किया. युवक यूपी का रहने वाला है. फिलहाल पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है.

उधना क्षेत्र में रहने वाले अशोक सिंह नाम के युवक ने शाम करीब साढ़े सात बजे पुलिस कंट्रोल रूम में फोन किया. जिसमें उन्होंने धमकी दी कि रात 11:55 मिनट पर शहर के अलग-अलग जगहों पर बम ब्लास्ट किए जाएंगे. फोन आते ही पुलिस कंट्रोल रूम की ओर से सारी जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे दी गई और जांच शुरू हुई. फोन करने वाले ने ब्लास्ट का जो समय दिया था उससे पहले ही उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने उसकी खोज चालु कर दी थी. जिसमें सूरत क्राइम ब्रांच, एसओजी और स्थानीय पुलिस को लगाया गया था. जिसके बाद कॉल करने वाले की लोकेशन ट्रेस की गई साथ ही स्थानीय मुखबिरों की भी मदद ली गई. जिसके आधार पर पुलिस ने अशोक सिंह नाम के शख्स को हिरासत में लिया. अशोक सिंह मूल रूप से यूपी का रहने वाला है और सूरत में दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करता है. पता चला कि पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल इसी युवक ने किया था.

डीसीपी भागीरथ गढ़वी ने कहा कि बम की धमकी वाला फोन कंट्रोल रूम में किया गया. फोन करने वाले को ढूंढने के लिए क्राइम ब्रांच, एसओजी और उधना पुलिस की टीम काम पर लग गई थी. गहराई से जांच करने पर पता चला कि कॉल उधना क्षेत्र से किया गया है. उधना पुलिस भी रातभर कॉम्बिंग में शामिल रही. फोन करने वाले अशोक सिंह की पहचान कर ली गई है. वह मूल रूप से यूपी का रहने वाला है और सूरत में दिहाड़ी मजदूर का काम करता है. क्या ये कॉल करने में अन्य लोग भी शामिल हैं? उन्हें यह फ़ोन करने की जानकारी कैसे मिली? क्या उसने अब तक की पूछताछ में सही जवाब दिये हैं? इसकी भी जांच की जा रही है. अब अशोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है और आईपीसी की धारा के तहत कानूनी कार्रवाई शुरू की गई है.

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