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G.S.T लागु होने से पीएम मोदी ने कहा- नया साल, नया कानून, नया भारत -लोकसभा की मंजूरी

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नई दिल्ली,आज लोकसभा में जीएसटी बिल पर बहस हुई। इस बहस के दौरान कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि अगर राज्यसभा के सदस्यों में थोड़ा भी आत्म सम्मान बचा है तो सभी सदस्यों को इस्तीफा दे देना चाहिए। मोइली ने बिलों में मौजूद उन कमियों की ओर ध्यान आकर्षित किया जिन्हें पार्टी के मुताबिक दूर किया जाना चाहिए। वीरप्पा मोइली ने कहा- मैं इसे गेम चेंजर नहीं कह सकता… सिर्फ एक छोटा सा कदम कहूंगा…। उन्होंने मोदी सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि उच्च सदन राज्य सभा को दरकिनार किया गया है। मोइली ने कड़े शब्दों में कहा- राज्यसभा देश के राज्यों की परिषद है, लेकिन उसके पास अहम बिलों पर चर्चा करने का अधिकार नहीं है… यह संघीय व्यवस्था पर हमला है… इसलिए मेरा कहना है कि राज्यसभा के सभी सदस्यों को इस्तीफा दे देना चाहिए
आपको बता दें कि यूपीए सरकार ने अप्रैल 2010 में जीएसटी को लागू करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन विपक्ष के विरोध की वजह से जीएसटी बिल पास नहीं हो सका था। इसके बाद अप्रैल 2011 में इसे लागू करना चाहा, लेकिन विपक्ष ने इसे लागू नहीं होने दिया था
इस बिल का केन्द और राज्य में किस तरह से लागू कर देगा
1. सीजीएसटी यानी सेंट्रल जीएसटी: इसे केंद्र सरकार वसूलेगी।
2. एसजीएसटी यानी स्टेट जीएसटी:इसे राज्य सरकार वसूलेगी।
3. आईजीएसटी यानी इंटिग्रेटेड जीएसटी:अगर कोई कारोबार दो राज्यों के बीच होगा तो उस पर यह टैक्स लगेगा। इसे केंद्र सरकार वसूलकर दोनों राज्यों में बराबर बांट देगी।
4. यूनियन टेरेटरी जीएसटी:यूनियन गवर्नमेंट द्वारा एडिमिनिस्ट्रेट किए जाने वाले गुड्स, सर्विस या दोनों पर लगेगा। इसे सेंट्रल गवर्नमेंट ही वसूलेगी।
GST पर अहम बयान
मोदी (बिल पास होने के बाद):देशवासियों को बधाई। नया साल, नया कानून और नया भारत।

अरुण जेटली:ये रेवोल्यूशनरी बिल है। एक देश और एक टैक्स। महंगाई बढ़ने का डर दिखाना गलत। महंगाई नहीं बढ़ेगी।
वीरप्पा मोइली (कांग्रेस):राज्य और केंद्र में जंग होगी। ये एक बुरे सपने की तरह है। हमारे वक्त विरोध किया गया था। मेजर स्टेप नहीं बेबी स्टेप कहिए।
कल्याण बनर्जी (टीएमसी):जीएसटी का मकसद है कि कई टैक्स खत्म हों। लेकिन इसका फायदा आम आदमी तक पहुंचना चाहिए।
रेेवेन्यू सेक्रेटरी हंसमुख अढिया (बिल पास होने के बाद): 175 बैठकें हुईं। 10 साल अफसरों ने मेहनत की। जीएसटी काउंसिल ने 12 बैठकें कीं। 30 वर्किंग ग्रुप्स बने थे।
इस बिल के पास होने के मायने
1 जुलाई से जीएसटी लागू होने की उम्मीद बढ़ी।
वन नेशन-वन टैक्स की 17 साल से जारी टैक्स रिफॉर्म की कोशिश कामयाब होगी। सबसे पहले वाजपेयी सरकार ने 2000 में जीएसटी के बारे में सोचा था।
20 से ज्यादा इनडायरेक्ट टैक्स खत्म होंगे। ये देश के लिए ऐतिहासिक होगा।
आगे क्या
– अब कुछ नियमों पर जीएसटी काउंसिल 31 मार्च की बैठक में फैसला करेगी।
– राज्यसभा में ये बिल पारित होंगे। राज्य विधानसभा में भी उनके बिल पास होंगे।

क्या होगा फायदा?
– एक स्टडी के मुताबिक, इससे देश की जीडीपी ग्रोथ रेट एक से दो फीसदी बढ़ सकती है। ना केवल नई नौकरियां पैदा होंगी, बल्कि प्रोडक्टिविटी भी बढ़ेगी।
– एसजीएसटी को सभी राज्यों विधानसभा में पारित किया जाना है। जीएसटी काउंसिल की बैठक 31 मार्च को होगी। इसमें नियमों को मंजूरी दी जाएगी। फिर अलग-अलग प्रोडक्ट और सर्विसेस पर कितना जीएसटी लगेगा, यह तय किया जाएगा।
– जीएसटी के लिए 5, 12, 18 और 28% की चार दरों की स्लैब का प्रपोजल है।

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