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मासिक धर्म की जांच के लिए स्कूल में लड़कियों को कथित रूप से निर्वस्‍त्र होने पर मजबूर किया

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मुजफ्फरनगरः उत्तर प्रदेश में मुजफ्फनगर के एक विद्यालय की छात्राओं के कपडे उतरवाने वाली वार्डन को जिलाधिकारी ने बर्खास्त कर दिया है।बेसिक शिक्ष अधिकारी चन्द्रकेश यादव ने आज यहां बताया कि छात्राओं के उत्पीड़न और कपडे उतरवाने के मामले में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खतौली की वार्डन सुरेखा तोमर को जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह के आदेश के बाद बर्खास्त कर दिया गया है       जिलाधिकारी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि मामले की अलग से प्रशासनिक मजिस्ट्रेटी जांच चल रही है। इस मामले में उप जिलाधिकारी (एसडीएम) खतौली को रिपोर्ट देने को कहा गया है। इसमें अन्य कौन-कौन लोग लिप्त हैं। इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा। आरोपी वार्डन को बर्खास्त कर दिया गया है। जांच के लिए एसडीएम खतौली को निर्देशित भी कर दिया गया है।

जानिए क्या था मामला
खतौली के कस्तूरबा स्कूल में पढ़ रही छात्र-छात्राओं के साथ वार्डन सुरेखा तोमर द्वारा अभद्र व्यवहार, शोषण और यहां तक कि उनके कपड़े उतारकर उनकी बेइज्जती करने का मामला सामने आया है। कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय में एक ऐसी महत्वाकांक्षी योजना है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र की अधिकाशं गरीब और मजदूर परिवार की बेटियां नि:शुल्क आवासीय शिक्षा ग्रहण करती हैं। डा. सुरेखा तोमर पर आरोप है कि उसने बालिकाओं को डाट डपट करने के साथ उनके कपड़े उतरवाए और उनको बेईज्जत किया।
वहीं वार्डन का आरोप था कि बालिकाएं गंदे कपड़ों से शौचालय को गंदा करती हैं, जिससे शौचालय का पाइप बंद हो जाता है और वहां पर गंदगी आती रहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें गलत ढंग से फंसाया गया है और उन्होंने किसी बच्चे के कपडे नहीं उतरवाये हैं। आरोप सरासर गलत है।

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