Home बड़ी खबरें राज्यसभा में GST बिल पास, ऐतिहासिक कदम

राज्यसभा में GST बिल पास, ऐतिहासिक कदम

38
0
Listen to this article

नई दिल्ली ,जीएसटी को 1 जुलाई से लागू करने की ओर मोदी सरकार ने एक और कदम बढ़ा दिया है। गुरुवार शाम राज्यसभा से जीएसटी से जुडे़ चारों बिलों को मंजूरी मिल गई। आजादी के बाद का सबसे बड़ा ‘आर्थिक सुधार’ कहा जाने वाला जीएसटी पिछले महीने लोकसभा से पास हो चुका है। राज्यसभा से जीएसटी को आसानी से पास कराने में मदद करने के बाद पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने नए टैक्स सिस्टम को ‘ऐतिहासिक’ करार दिया है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने इसे भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छा बताया।  राज्यसभा में जीएसटी की राह आसान करने का श्रेय पूर्व पीएम मनमोहन सिंह को भी दिया जा रहा है। जीएसटी बिलों पर कांग्रेस की ओर से आ रहे संशोधनों को साधते हुए मनमोहन ने अपनी पार्टी से बदलाव न करने की सलाह देते हुए ‘सहमति और संघीय गठजोड़ बनाए रखने’ को कहा। उच्च सदन में सबसे बड़ी पार्टी कांग्रेस की ओर से समर्थन न मिलने के कारण अन्य विपक्षी दलों टीएमसी और लेफ्ट के संशोधन पास नहीं हो पाए और सभी जीएसटी के बिल बिना संशोधन पास हुए। मनमोहन सिंह ने कहा कि यह गेम चेंजर साबित हो सकता है, लेकिन रास्ते में मुश्किलें भी आएंगी।

अपोजिशन पार्टी द्वारा सुझाए गए संशोधनों के साथ राज्यसभा ने जीएसटी से जुड़े चार बिलों सेंट्रल जीएसटी (C-GST),  इंटिग्रेटेड जीएसटी (आई-GST), यूनियन जीएसटी (यूटी-GST) और जीएसटी (कम्पन्सेशन टू स्टेट्स) को वापस भेजा

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन में क्या कहा?

  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में जीएसटी बिल पर चर्चा के दौरान कहा, ‘यह कहने में कोई झिझक नहीं है कि इस बिल का क्रेडिट किसी व्यक्ति या सरकार को नहीं बल्कि सभी को जाता है. यह ऐतिहासिक दिन है. जीएसटी का सभी दलों की सहमित से पास होना भारतीय लोकतंत्र के लिए अच्छा है.’
  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मनमोहन सिंह की भूमिका को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा, ‘मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि जब देशहित की बात आई तो सभी दल और नेता एक स्वर में बोले.
  • जीएसटी लागू होने से महंगाई नहीं बढ़ेगी, इससे पूरे देश में एकसमान टैक्‍स व्‍यवस्‍था की शुरुआत होगी. उन्‍होंने कहा कि जीएसटी के लागू होने से केंद्र, राज्‍यों, उद्योग और व्‍यापार सभी को फायदा होगा.
  • वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी में कृषि क्षेत्र टैक्स दायरे से बाहर रहेगा. राज्य सरकारों के पास टैक्स लगाने का अधिकार है लेकिन जिन कारणों से अभी कृषि को टैक्स दायरे से बाहर रखा गया है, उन्हीं कारणों से आगे भी ये क्षेत्र टैक्स से बाहर ही रहेगा.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here