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प्रधानमंत्री सूरत के मुलकात से एक तीर से कई निशान कर कई ,जनता जनार्दन,स्वस्थ,बिजनेसमैन

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सूरत , सूरत में कल शाम के रोड शो के दौरान पीएम मोदी लाखों लोगों से  मिलते  हुए , आपने आने वाले चुनाव के तरह से देखा जा रहा  हैं , एक ही तीर से  कई निशाना लगते हैं इस तरह से अब लोगो का कहना हैं पहली बार सूरत के इतिहास में कोई प्रधानमंत्री सूरत के रात रह कर अपने सारे कार्यक्रम को सही समय पर पूर्ण करने का भी रिकोर्ड बनया हैं.   मोदी लोगों की नब्ज भी मापते रहे. सूरत शहर के लोगों के चेहरों के भाव से मोदी को भली-भांति इस बात का अंदाजा लग गया था कि अब भी यहां के लोग उसी शिद्दत के साथ उनके पीछे खड़े हैं, जैसा पिछले चुनावों में रहा है.   2012 के विधानसभा चुनाव के नतीजे साफ तौर पर बताते हैं कि सूरत और यहां के लोगों ने मोदी का किस कदर साथ दिया. उस समय मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे और 2012 विधानसभा चुनावों की सफलता उन्हें प्रधानमंत्री के दावेदार के तौर पर आगे ले जा सकती थी, इसका अंदाजा न सिर्फ उन्हें और उनक समर्थकों को था, बल्कि सियासी विरोधियों को भी था. ऐसे में 2012 के विधानसभा चुनावों में मोदी को जो बड़ी कामयाबी मिली, उसमें सूरत और यहां के लोगों का बड़ा हाथ रहा.

सूरत जिले में विधानसभा की जो कुल सोलह सीटें हैं, उसमें से पंद्रह पर बीजेपी 2012 में कब्जा करने में कामयाब रही थी. इन पंद्रह सीटों में से ज्यादातर शहरी सीटें है. इस तरह का बीजेपी का जोरदार प्रदर्शन इस बात का सबूत था कि सूरत के लोगों ने किस कदर मोदी और बीजेपी का साथ दिया था. खास बात ये है कि सूरत गुजरात का सिर्फ दूसरा बड़ा शहर ही नहीं है, बल्कि वो शहर है, जहां सबसे ज्यादा आप्रवासी वोटर हैं यानी वो वोटर जो मूल गुजराती न होकर ओडीशा और बिहार से लेकर उत्तर प्रदेश तक के हैं. इन्हीं मतदाताओं ने न सिर्फ गुजरात में मोदी का साथ दिया, बल्कि अपने गांवों में जाकर वहां भी मोदी के लिए 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान हवा बनाने का काम किया था. मोदी का कल का सफल रोड शो इस बात का साफ सबूत है कि अब भी शहरी मतदाताओं पर उनका कितना प्रभाव है.

मोदी की इस बार की यात्रा बतौर प्रधानमंत्री गुजरात की उनकी बारहवीं यात्रा है. ऐसे में इस दफा मोदी ने कुछ और समीकरण भी साधे. मसलन जिन पाटीदारों की नाराजगी 2017 चुनावों की जीत की राह में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी बाधा मानी जाती रही है, उसी पाटीदार समुदाय के दो कार्यक्रमों में मोदी आज के दिन शरीक हुए. आज के दिन की शुरुआत मोदी ने किरण हॉस्पिटल के उदघाटन के साथ की, जिस हॉस्पिटल के निर्माण के लिए भूमि पूजन का काम बतौर मुख्यमंत्री उन्होंने 2013 में किया था और उस वक्त वो बीजेपी के पीएम कैंडिडेट भी बन चुके थे. उस समय ये बात भी आयोजकों ने कही थी कि मोदी को बतौर प्रधानमंत्री इसके उदघाटन के लिए आना होगा. 

सूरत के मुलाकात से लोगों में यह अभी भी विश्वास हैं यह देश के और सूरत के लोगों का मालूम हो गया, किरण होस्पिटल का शुभारंभ कर पाटीदार के अपने साथ मिला कर लोगोंको हेल्थ का ध्यान, रोज गारी के लिए हरिकृष्ण डायमंड कंपनी का शुभारंभ किया, जो लोक हित में हैं

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