Home बड़ी खबरें कोर्ट ने तीनों दोषियों की दी सजा-ए-मौत – नयना गैंगरेप

कोर्ट ने तीनों दोषियों की दी सजा-ए-मौत – नयना गैंगरेप

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मुंबई। पुणे की सॉफ्टवेयर इंजीनियर के साथ सामूहिक दुष्कर्म कर उसकी हत्या करने के मामले के तीन आरोपियों को फांसी की सजा सुनाई गई।आठ साल पहले दोषियों ने कार में वारदात करने के बाद नयना का शव जंगल में फेंक दिया था। पुणे की शिवाजीनगर की अदालत के विशेष न्यायाधीश एलएल येनकर ने मंगलवार को मामले में दोषी करार दिए गए. योगेश राउत, महेश ठाकुर एवं विश्वास कदम को दुष्कर्म (376), हत्या (302), आपराधिक साजिश (120बी) एवं 361(अपहरण) सहित भादवि की कई अन्य धाराओं के तहत मृत्युदंड की सजा सुनाई।  चौथे आरोपी अशोक चौधरी वादा माफ गवाह बन गया था। इस कारण उसे आरोपमुक्त कर दिया गया है। सभी आरोपी हत्या के मकसद से अपहरण, लूटपाट के दौरान चोट पहुंचाने और सुबूत नष्ट करने के आरोप से मुक्त हो गए। अभियोजन पक्ष इन आरोपों को साबित करने में असफल रहा।

नयना पुजारी

28 वर्षीय नयना पुणे की सेनीक्रॉन प्रा.लि. में सॉफ्टवेयर इंजीनियर थी। सात अक्टूबर, 2009 को वह रात आठ बजे घर जाने के लिए एक बसस्टॉप पर खड़ी थी। आरोपी एक इंडिका कार से उसके पास आए और हड़पसर तक छोड़ने की बात कहकर उसे कार में बिठा लिया। फिर पुणे एवं उसके समीप के सुनसान इलाकों में कार को घुमाते रहे। सभी ने नयना के साथ दुष्कर्म किया। उसके एटीएम कार्ड से पैसे निकाले और उसकी हत्या कर शव को जेरवाड़ी के जंगल में फेंक दिया था। दो दिनों बाद जेरवाड़ी के जंगल से नयना का शव बरामद हुआ था। इस मामले का मुख्य आरोपी योगेश राउत मुकदमे की सुनवाई के दौरान एक बार अस्पताल ले जाते समय पुलिस की गिरफ्त से फरार हो गया था। 20 माह बाद उसे शिरडी से पुनः गिरफ्तार किया गया था। नयना पुजारी के पति अभिजीत पुजारी एवं उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने आरोपियों के लिए सख्त से सख्त सजा की मांग की थी।

 

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