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गुजरात चुनाव से पहले कांग्रेस को झटका, राहुल को किया अनफॉलो

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गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में फूट सामने आ रही है। पार्टी के नेता प्रतिपक्ष शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस हाईकमान द्वारा पार्टी में अपनी अहमियत कम करने का ट्विटर के जरिए विरोध किया है। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य पार्टी नेताओं को ट्विटर अकाउंट से अनफॉलो कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वाघेला फिर से भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं।  पार्टी हाईकमान ने हाल ही में वाघेला के पर कतरते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात कांग्रेस का प्रभारी बनाया है। यह जानकारी रविवार को यहां प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित आईटी सेल कांफ्रेंस में सामने आई। इस कांफ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।

गुजरात में इस वर्ष के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं के अहम टकरा रहे हैं। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर खींचतान चल रही है।

मार्च में वाघेला ने दावा किया था कि वह मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन अप्रैल में कांग्रेस के 57 में 36 विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की। हालांकि दो दिन पहले ही वाघेला ने गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का एलान किया था। सोलंकी के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं।

इस बीच, अशोक गहलोत ने मध्यस्थता कर पार्टी में सबको शांत करने का प्रयास किया, लेकिन उनके जाते ही फिर फूट सामने आ गई। दरअसल, वाघेला विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं। लेकिन प्रदेश और राष्ट्रीय नेता इससे सहमत नहीं हैं।  वाघेला भाजपा नेताओं के भी संपर्क में हैं। ऐसी चर्चा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रह चुके वाघेला भाजपा का दामन थाम सकते हैं। गुजरात विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में फूट सामने आ रही है। पार्टी के नेता प्रतिपक्ष शंकर सिंह वाघेला ने कांग्रेस हाईकमान द्वारा पार्टी में अपनी अहमियत कम करने का ट्विटर के जरिए विरोध किया है। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य पार्टी नेताओं को ट्विटर अकाउंट से अनफॉलो कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वाघेला फिर से भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं।

पार्टी हाईकमान ने हाल ही में वाघेला के पर कतरते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात कांग्रेस का प्रभारी बनाया है। यह जानकारी रविवार को यहां प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित आईटी सेल कांफ्रेंस में सामने आई। इस कांफ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।

गुजरात में इस वर्ष के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं के अहम टकरा रहे हैं। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर खींचतान चल रही है।

मार्च में वाघेला ने दावा किया था कि वह मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन अप्रैल में कांग्रेस के 57 में 36 विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की। हालांकि दो दिन पहले ही वाघेला ने गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का एलान किया था। सोलंकी के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं।

इस बीच, अशोक गहलोत ने मध्यस्थता कर पार्टी में सबको शांत करने का प्रयास किया, लेकिन उनके जाते ही फिर फूट सामने आ गई। दरअसल, वाघेला विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं। लेकिन प्रदेश और राष्ट्रीय नेता इससे सहमत नहीं हैं।कहा जा रहा है कि वाघेला भाजपा नेताओं के भी संपर्क में हैं। ऐसी चर्चा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रह चुके वाघेला

भाजपा का हाईकमान द्वारा पार्टी में अपनी अहमियत कम करने का ट्विटर के जरिए विरोध किया है। उन्होंने कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी सहित कई अन्य पार्टी नेताओं को ट्विटर अकाउंट से अनफॉलो कर दिया है। कयास लगाए जा रहे हैं कि वाघेला फिर से भाजपा में जाने की तैयारी कर रहे हैं।पार्टी हाईकमान ने हाल ही में वाघेला के पर कतरते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात कांग्रेस का प्रभारी बनाया है। यह जानकारी रविवार को यहां प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित आईटी सेल कांफ्रेंस में सामने आई। इस कांफ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।गुजरात में इस वर्ष के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं के अहम टकरा रहे हैं। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर खींचतान चल रही है।मार्च में वाघेला ने दावा किया था कि वह मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन अप्रैल में कांग्रेस के 57 में 36 विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की। हालांकि दो दिन पहले ही वाघेला ने गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का एलान किया था। सोलंकी के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं।

इस बीच, अशोक गहलोत ने मध्यस्थता कर पार्टी में सबको शांत करने का प्रयास किया, लेकिन उनके जाते ही फिर फूट सामने आ गई। दरअसल, वाघेला विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं। लेकिन प्रदेश और राष्ट्रीय नेता इससे सहमत नहीं हैं।

कहा जा रहा है कि वाघेला भाजपा नेताओं के भी संपर्क में हैं। ऐसी चर्चा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सदस्य रह चुके वाघेला भाजपा का दामन थाम सकते हैं।पार्टी हाईकमान ने हाल ही में वाघेला के पर कतरते हुए राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को गुजरात कांग्रेस का प्रभारी बनाया है। यह जानकारी रविवार को यहां प्रदेश कांग्रेस की ओर से आयोजित आईटी सेल कांफ्रेंस में सामने आई। इस कांफ्रेंस में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया।गुजरात में इस वर्ष के अंत में विधानसभा के चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले कांग्रेस के बड़े नेताओं के अहम टकरा रहे हैं। पार्टी में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार को लेकर खींचतान चल रही है। मार्च में वाघेला ने दावा किया था कि वह मुख्यमंत्री की दौड़ में नहीं हैं, लेकिन अप्रैल में कांग्रेस के 57 में 36 विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने की मांग की। हालांकि दो दिन पहले ही वाघेला ने गुजरात कांग्रेस अध्यक्ष भरत सिंह सोलंकी के नेतृत्व में चुनाव लड़ने का एलान किया था। सोलंकी के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री के रूप में प्रोजेक्ट कर रहे हैं। अशोक गहलोत ने मध्यस्थता कर पार्टी में सबको शांत करने का प्रयास किया, लेकिन उनके जाते ही फिर फूट सामने आ गई। दरअसल, वाघेला विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से मुख्यमंत्री पद की दावेदारी चाहते हैं। लेकिन प्रदेश और राष्ट्रीय नेता इससे सहमत नहीं हैं।

 

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