Home पटना बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आखिर कार घर वापसी हो ही गयी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आखिर कार घर वापसी हो ही गयी

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पटना, जिस तरह से बिहार में लालू नीतीश सरकार चल रही थी वो एक मजबूरी का ही सौदा था क्योंकि नीतीश ने मोदीजी को मुस्लिम विरोधी मानते हुए उनका विरोध किया था और उस की वजह से ही लालू नीतीश ने हाथ मिलाया था , उस वक़्त नीतीश को मोदी से इतनी नफरत थी कि उन्होंने अपने धुर विरोधी लालू से भी हाथ मिला लिया, उन्हें उस वक़्त अपने मुस्लिम वोट बैंक के जाने का इतना डर था कि इसके लिये उन्होंने अपने सिद्धांतों से भी समझौता कर लिया था , सवाल यहाँ यह भी है कि क्या अब वो डर खत्म हो गया है

मगर कहते है न कि बेमेल शादियां ज्यादा दिन नही टिकती , मेने अपने कुछ दिनों पहले के ब्लॉग में लिखा भी था कि इस बेमेल शादी का नतीजा तलाक ही होगा और वही हो भी गया ,

नीतीश और जदयू की विचारधारा और भाजपा की विचारधारा पूर्णतया मिलती है और उसकी वजह से ही उनको पहले बिहार में पूर्ण बहुमत मिला था , अब जब वापस भाजपा और जदयू एक हो गए है तब एक नए दौर की वापस शुरुआत होगी और इसका नतीजा 2019 के चुनावों में साफ देखने को मिलेगा

इसकी शुरुआत बहुत पहले ही हो गयी थी जिस तरह से नीतीश ने मोदीजी की तारीफ की थी नोटबंदी के समय उसी से इस नए अध्याय की शुरुआत हो गयी थी परंतु उस वक़्त तो इसका प्रकटीकरण हुआ था असल मे तो शायद नीतीश को सरकार बनाने के कुछ समय बाद ही यह अहसास हो गया था कि उन्होंने गलत रास्ता चुन लिया है परंतु उस रास्ते को सही करते करते भी करीब 2 साल का समय लग गया ओर जब नीतीश को सही मौका मिला तो उन्होंने इसे पकड़ लिया और इस बेमेल शादी को तोड़ दिया

अब शायद देश के दूसरे राज्यो में भी जिस तरह से एन्टी भाजपा गठजोड़ बनाने की बाते चल रही थी उनपर विपरीत असर पड़ेगा

भाजपा का रथ अब ओर भी तेजी से दौड़ेगा क्योंकि जितने महत्वपूर्ण राज्य है उन सभी मे अब भाजपा की सरकार है, इसीलिए निश्चित ही इसका फायदा भाजपा को 2019 में मिलेगा

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