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ट्रिपल तलाक पर 6 माह की रोक, सरकार बनाए कानून- सुप्रीम कोर्ट ऐतिहासिक फैसला

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तीन तलाक के मुद्दे पर मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया. सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर 6 महीने के लिए रोक बना दी है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि केंद्र सरकार संसद में इसको लेकर कानून बनाए. सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायधीश जे.एस. खेहर के नेतृत्व में 5 जजों की पीठ ने अपना फैसला सुनाया.

इस खंड पीठ में सभी धर्मों के जस्टिस शामिल हैं जिनमें चीफ जस्टिस जेएस खेहर (सिख), जस्टिस कुरियन जोसफ (क्रिश्चिएन), जस्टिस रोहिंग्टन एफ नरीमन (पारसी), जस्टिस यूयू ललित (हिंदू) और जस्टिस अब्दुल नजीर (मुस्लिम) शामिल हैं.

जस्टिस खेहर ने  फैसला पढ़ कर  बताया.

तीन तलाक में सुप्रीम कोर्ट ने  केन्द्र सरकार को कानून बनाए. इस तरह का  फैसला दिया .

SC का ऐतिहासिक फैसला

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तीन तलाक पर केंद्र का कहना था कि यह मामला बहुसंख्यक बनाम अल्पसंख्यक का नहीं है. यह एक धर्म के भीतर महिलाओं के अधिकार की लड़ाई है. इस मामले में विधेयक लाने के लिए केंद्र को जो करना होगा वह करेगा, लेकिन सवाल ये है कि सुप्रीम कोर्ट क्या करेगा? इसके बाद चीफ जस्टिस ने कहा कि अस्पृश्यता, बाल विवाह या हिंदुत्व के भीतर चल रही अन्य सामाजिक बुराइयों को सुप्रीम कोर्ट अनदेखा नहीं कर सकता है. कोर्ट इस मामले में अपनी जिम्मेदारी से इनकार नहीं कर सकता.

महिलाओं के लिए जश्न का दिन

ट्रिपल तलाक के खिलाफ संघर्ष करने वाली जकिया सोमन मानती है यह बहुत बुरा है कि हमारे देश में ट्रिपल तालाक हो. मुस्लिम धार्मिक नेतृत्व इसके लिए पूरी तरह जिम्मेदार है. उन्होंने कहा कि फैसला ट्रिपल तलाक के खिलाफ आएगा और मुस्लिम महिलाएं फैसले का जश्न मनाएंगी. आज मुस्लिम महिलाएं मंजिल के सामने खड़ी हैं. मुस्लिम उलेमाओं को ये समझना चाहिए कि मुस्लिम महिलाएं मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड  को अपने कानूनों के उल्लघन करने की इजाजत नहीं देती. ऐसे में कोर्ट के फैसले को पर्सनल लॉ बोर्ड फैसले को स्वीकार करे. उन्हें यह समझना चाहिए कि मुसलमान महिलाएं मुस्लिम निजी कानून बोर्ड को अपने कानूनों का उल्लंघन करने की अनुमति नहीं दे रही हैं

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सुनवाई के दौरान जस्टिस आरएफ नरिमन, जस्टिस कुरियन जोसेफ और जस्टिस यूयू ललित तीन तलाक को असंवैधानिक घोषित करने के पक्ष में थे. वहीं चीफ जस्टिस जेएस खेहर और जस्टिस अब्दुल नजीर इसके पक्ष में थे.

सुप्रीम कोर्ट ने अपने फैसले में तीन तलाक को खत्म कर दिया है, कोर्ट ने इसे अंसवैधानिक बताया दिया है.

 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि तीन तलाक आर्टिकल 14, 15 और 21 का उल्लंघन नहीं है.

सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक पर 6 महीने की रोक लगा दी है.

कोर्ट ने केंद्र सरकार को संसद में इसको लेकर कानून बनाए. कोर्ट ने सरकार से 6 महीने में कानून बनाने को कहा है.

– इस मुद्दे पर कोर्ट में याचिका दायर करने वालीं सायरा बानो ने फैसला आने से पहले कहा कि मुझे उम्मीद है कि कोर्ट का फैसला मेरे हक में आएगा. जो भी फैसला होगा,

हम उसका स्वागत करेंगे.

 

 

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