Home गुजरात न्याय व्यवस्था को भी तहस नहस कर रही है मोदी सरकार

न्याय व्यवस्था को भी तहस नहस कर रही है मोदी सरकार

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इशरत जहाँ फर्जी मुडभेड़ की CBI जांच का आदेश देने वाले जज जयंत पटेल ने इलाहाबाद हाई कोर्ट तबादला किए जाने के बाद इस्तीफ़ा दे दिया है वह कर्नाटक हाई कोर्ट के सबसे सीनियर जज थे और उम्मीद थी की वह वहां के कार्यकारी चीफ जस्टिस बन जायेंगे लेकिन कथित तौर से उन्हें इस ओहदे से दूर रखने के लिए ही उनका तबादला कर दिया गया उन्होंने अपना इस्तीफ़ा राष्ट्रपति को भेज दिया है


जस्टिस पटेल गुजरात हाई कोर्ट के भी एक्टिंग चीफ जस्टिस रहे इसके बाद उनका तबादला कर्नाटक हाई कोर्ट कर दिया गया था Iउनका कहना है की उनके रिटायरमेंट में केवल दस महीने बचे हैं ऐसे में वह बंगलौर छोड़ कर इलाहाबद नहीं जाना चाहते I कर्नाटक हाई कोर्ट के वकीलों की संस्था ने जस्टिस पटेल से अपने फैसले पर दोबारा गौर करने को कहा है जबकि गुजरात हाई कोर्ट के वकीलों की संस्था ने उनके तबादले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया है I
ये वही जज हैं जिन्होंने इशरत जहाँ फर्जी मुडभेड मामले में CBI अदालत में पोस्टिंग के दौरान बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह को तड़ी पार किया था । लेकिन केंद्र में सत्ता बदलने के साथ ही उक्त CBI जज का तबादला करके नया जज नियुक्त किया गया जिसने उन्हें दोषमुक्त कर दिया इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा जहां चीफ जस्टिस आफ इण्डिया सदा शिवम् ने भी अमित शाह को दोषमुक्त कर दिया ।यह बात अलग है की रिटायरमेंट के एक हफ्ते बाद ही जस्टिस सदा शिवम् केरल के गवर्नर बना दिए गए थेI

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