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दाम गिरने पर किसानों को होने वाली हानि की पूर्ति करेगी भावांतर योजना ,कृषक संगोष्ठी में विधायक पाटीदार ने कहा 

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खरगोन (निप्र)। किसानों की आय दोगुनी करने की दिशा में भावांतर योजना आने वाले दिनों में मील का पत्थर साबित होगी। योजना के तहत न्यूनतम समर्थन मूल्य की जगह मॉडल रेट तय किया जाएगा और उस दर से किसान की उपज अगर बिकती है तो रेट में जो अंतर आएगा उसे सरकार पूरा करेगी।

यह बात विधायक बालकृष्ण पाटीदार ने कृषि उपज मंडी में मुख्यमंत्री भावांतर भुगतान योजना के तहत आयोजित कृषक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कही। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में तिलहन, मूंगफली, तिल, रामतिल, कुसुम, मक्का, मूंग, उड़द और तुअर बहुतायत पैदावार होती है। जब इनके भाव में गिरावट आती है तो किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ता है, लेकिन अब इन फसलों को भावांतर योजना के तहत भुगतान करते किसानों को उचित मूल्य देने की गारंटी देकर किसानों की हानि की पूर्ति की जा सकेगी। गेहूं और कपास को इसलिए बाहर रखा गया है क्योंकि इसे केंद्र की एजेसिंया खरीदती है। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाने के लिए ये योजना खरीफ  2017 के लिए लागू की गई है। फिलहाल इसमें 8 फसलें रखी गई हैं, जिन्हें सरकारी मंडी में बेचना होगा। इस दौरान अगर उपज अगर सरकार द्वारा तय मॉडल रेट से कम पर बिकती है तो वो अंतर सरकार डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के खाते में भेजेगी। इस दौरान जनपद पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, मंडी उपाध्यक्ष छोटू कुशवाह, परियोजना संचालक आत्मा एमएल वास्केल, कृषि वैज्ञानिक  डॉ. योगेंद्र जैन, डॉ. खीरे, डॉ. एचसी पटेल, संतोष पाटीदार, राजेश रावत, कैलाश माली आदि उपस्थित थे।

मंडी सचिव श्रीवास्तव ने कहा मंडियों में किसानों की फसलों के भाव गिरने के बाद किसानों को नुकसान से बचाने के लिए प्रदेश सरकारी की भावांतर भुगतान योजना का लाभ दिया जाएगा। इस योजना के लाभ के लिए किसानों को नामांकन होना जरूरी होगा। पंजीयन कराने के लिए 11 से 15 अक्टूबर तक का समय रखा गया है। भावांतर योजना के रजिस्ट्रेशन के लिए किसान कृषि उपज मंडी समिति, संस्था या सोसायटी पर ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, बैंक खाता पास बुक, समग्र आईडी आदि जरूरी कागजात साथ लेकर पहुंचे।

प्रश्नोत्तरी के जवाब पर मिला उपहार  संगोष्ठी समापन पर प्रश्नोत्तर हुई। इसमें कृषि एवं भावांतन योजना संबंधी सवाल पूछे गए, जिसके सही जवाब देने पर किसानों को टिफिन देकर पुरस्कृत भी किया गया। कृषि विभाग द्वारा करीब 30 सवाल पूछे गए, विजेता किसानों को अतिथियों ने पुष्पमाला पहनाकर टिफिन भेंट किए।

कृषि वैज्ञानिकों ने दी सलाह  विकासखंड स्तरीय संगोष्ठी में कृषि वैज्ञानिकों और अफसरों ने किसानों को शासन की नई भावांतर योजना सहित अन्य योजनाओं व कृषि के उत्पादन बढ़ाने के बारे में जानकारी दी। उप संचालक कृषि एमएल चौहान ने किसानों को सरकार की नवीन भावांतर योजना के बारे में विस्तार से समझाया। इसके साथ ही फसल बीमा, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना, चना में रोग नियंत्रण के बारे में समझाया। कृषि विज्ञान केंद्र के एमएल शर्मा ने किसानों को कम पानी में अच्छी पैदावार देने वाली फसलों, अंतरवर्षीय खेती, बीजोपचार के साथ ही किसानों की समस्याओं का समाधान किया। संचालन राजकुमार शर्मा ने किया।

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