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आतंकियों की कैद में रोज हुई रेप का शिकार, रेप को हथियार की तरह इस्‍तेमाल करते हैं आतंकी

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तीन साल तक दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन के चंगुल में बचकर निकली महिला ने अपने दर्द को किताब के जरिए बयां किया है। 24 साल की नादिया मुराद ने आईएसआईएस के कैद में बिताई अपनी हर रात,हर दर्द को किताब के जरिए दुनिया तक पहुंचाया है।तीन साल दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के चुंगल से बचकर निकली नादिया उत्तरी इराक के यजीदी गांव की रहने वाली हैतीन साल दुनिया के सबसे खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस के चुंगल से बचकर निकली नादिया उत्तरी इराक के यजीदी गांव की रहने वाली है। उसने बताया कि कैसे यजीदी समुदाय के इस पूरे गांव पर आईएसआईएस के आतंकियों ने बंधक बनाकर पुरुषों और महिलों को अलग करके सभी पुरुषों को मार दिया था। नादिया के 8 भाईयों को और उसकी मां को मार डाला गया था। जब कि जवान महिलाओं और लड़कियों को सेक्स स्लेव बना लिया गया था !

यूनाइटेड नेशन ने गुडविल एम्बेस्डर नादिया ने ने बताया है कि जब उन्होंने यूनाइटेड नेशन सिक्युरिटी काउंसिल में अपनी आपबीती सुनाई थी, तो वहां बैठे लोग रो पड़े थे। उन्होंने किताब में लिखा है कि आईएसआईएस के आतंकियों ने अगस्त 2014 में इराक के एक गांव लड़कियों और महिलाओं को कब्जे में लेकर उनके साथ बदसलूकी की गई। उन्हें आंतकियों के सामने परोसा जाता था। उन्हें मारते-पीटते थे। उन्हें रोज हवस का शिकार बनाया जाता था। भागने की कोशिश करने पर उसे बहुत मारा-पीटा गया था। उसे तब तक मारते रहे, जब तक वो बेहोश नहीं हो गई।

 

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