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पत्नी कोई जायदाद नहीं, पति नहीं बन सकता अभिभावक : कोर्ट केरल लव जिहाद केस

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केरल के चर्चित लव जिहाद मामले में आखिरकार हादिया सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में पेश हुईं। वह दोपहर तीन बजे कोर्ट में अपने पिता के साथ दाखिल हुईं। हादिया का बयान लिया जाए या नहीं, इस पर जोरदार बहस हुई। एनआईए और हादिया के पिता बयान लेने के विरोध में थे लेकिन लड़के के वकील कपिल सिब्बल ने कहा कि हादिया बालिग हैं, उनकी आवाज को बंद न किया जाए। पौने दो घंटे की इस बहस के बाद कोर्ट ने तय किया कि हादिया से बात की जाएगी। बेंच ने तकरीबन 25 मिनट तक हादिया से सवाल किए।

सवाल उठता है कि जब कोर्ट में एक बालिग लड़की अपनी मर्जी से धर्म परिवर्तन और निकाह की बात कह रही है तो आखिर किस आधार पर लव जिहाद का मामला साबित हो पाएगा? लेकिन एनआईए जिस तरीके से एक पैटर्न पर बहला-फुसलाकर धर्म परिवर्तन का मामला बता रहा है या फिर 2009 से ही जिस लव जिहाद के खिलाफ आवाजें उठ रही हैं, क्या वो पूरी तरह काल्पनिक है? और अगर ये सच है तो फिर समाज के लिए कितना बड़ा खतरा है।

केरल लव जिहाद का मामला दिलचस्प मोड़ पर आ गया है। लव जिहाद की शिकार बताई जा रही हदिया ऊर्फ अखिला अशोकन ने सुप्रीम कोर्ट से आजादी मांगी और कोर्ट ने उसे पढ़ाई जारी रखने की इजाजत दे दी है। लेकिन पति के पास जाने की हदिया की मांग अभी नहीं मानी है। फिलहाल कॉलेज के डीन को हदिया का अभिभावक बनाया है। इधर मामले की जांच कर रहे नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी ने कोर्ट में 100 पन्नों की रिपोर्ट जमा की है। सूत्रों के मुताबिक इस रिपोर्ट में लव जिहाद का एक पैटर्न दर्शाया गया है और धर्म परिवर्तन के लिए लड़कियों पर सम्मोहन विद्या के इस्तेमाल की भी बात है। इस मामले की अगली सुनवाई जनवरी में होगी।देश के सबसे चर्चित लव जिहाद के मामले में पीड़ित बताई जा रही हदिया ने सुप्रीम कोर्ट से आजादी मांगी है। कहा है कि उसे 11 महीनों से गैरकानूनी तरीके से बंद करके रखा गया है और वो अपने पति शफीन जहान के पास जाना चाहती है। कोर्ट ने हादिया को होम्योपैथी कॉलेज, सलेम से पढ़ाई पूरी करने की इजाजत दी है और कॉलेज के डीन को उसका अभिभावक नियुक्त किया है। साथ ही कोर्ट ने तमिलनाडु सरकार से कहा है कि वो हदिया को उसकी पढ़ाई खत्म होने तक सुरक्षा मुहैया कराए।मामले की जांच कर रहे एनआईए ने भी कोर्ट में रिपोर्ट जमा करा दी है। सूत्रों के मुताबिक एनआईए की जांच में लड़कियों के धर्मांतरण के कम से कम 10 मामले सामने आए हैं। एनआईए इन मामलों में एक तरह का पैटर्न भी देख रहा है। मसलन – कुछ खास लोगों ने कई मामलों में लड़कियों को समझाने-बुझाने का काम किया। कई मामलों में विवादित संगठन पॉप्युलर फ्रंट ऑफ इंडिया भी शामिल है।एनआईए के मुताबिक घर से बगावत करने वाली लड़कियों को निशाना बनाया जाता है और फिर उन्हें बहला फुसलाकर उनका धर्म बदल दिया जाता है और निकाह करवाकर उसे पक्का कर दिया जाता है। लेकिन कोर्ट और कानून से अलग लव जिहाद एक राजनीतिक मुद्दा भी बन चुका है। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह तो इसमें केरल की वाम मोर्च की सरकार को भी शामिल बताते हैं।बता दें कि अखिला अशोकन उर्फ हदिया एक होम्योपैथिक डॉक्टर है, जिसने 2015 में इस्लाम अपनाकर घर-परिवार से नाता तोड़ लिया था। हदिया के पिता ने इस धर्मांतरण के खिलाफ केरल हाईकोर्ट का दरवाज खटखटाया और उसे साजिश के तहत आईएसआईएस के लिए बहाल करने का शक जताया था। इसी बीच 19 दिसंबर को शफीन से निकाह का दावा कर 21 दिसंबर 2016 में हदिया ने कोर्ट में शफीन जहान से निकाह का खुलासा किया और अपने पति के साथ रहने की मंशा जाहिर की। अखिला के पिता ने ब्रेनवॉश होने की बात कही जिसके बाद हाईकोर्ट ने केरल पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर इस निकाह को रद्द दिया। उसके बाद हदिया के पति शफीन जहान ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जांच के बाद एनआईए ने अपनी रिपोर्ट भी सौंप दी है।

 

 

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