Home राजस्थान बाड़मेर में बासी कढ़ी में नया उबाल, लोकसभा चुनावों की वोटरलिस्टो में

बाड़मेर में बासी कढ़ी में नया उबाल, लोकसभा चुनावों की वोटरलिस्टो में

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बाड़मेर लोकसभा चुनावो की घोषणा के इन्तजार में लगे जन प्रतिनिधियों,नये मतदाताओं में जागरूकता बढ गई है।नये मतदाताओं के नाम नहीं जोड़े गए  थे । एक जनवरी दो हजार अठारह के बाद युवा मतदाताओं के पहले हमेशा-हमेशा मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए आवेदन लेने के बाद अंतिम तिथि तक मतदाता सूची में शामिल होते थे । लेकिन फिर से जनवरी दो हजार उन्नीस तक अठारह साल के युवा मतदाताओं के नाम जोड़ने की शुरुआत की गई है लेकिन फिर भी वोटर लिस्ट में होगी भरपूर खामियां को दुरूस्त करने की जरूरत है ।
 जिला मुख्यालय पर निर्वाचन विभाग द्वारा जारी की गई  मतदाता सूचियों में ऊपरी पृष्ठ नया लगा हुआ है और भीतर पेज पर मकान नम्बर, अनुभाग नहीं बदले गए हैं सोचने वाली बात यह है कि मतदाताओं के फोटो भी कई सालों पहले की लगी हुई है । मूल मतदाता सूची में ज्यादा मतदाताओं के पुराने फोटो लगभग बीस साल पुरानी लगी हुई है जो पहली बार पहचान पत्र बनाने के लिए 1996 में लिए गए थे । और वर्तमान में कई मतदाता युवा से प्रोढ बन चुके हैं । शहर में कई जगहों पर मकान नं ऐक से शुरू नहीं होकर पहले जेसे ही अंकित  है । कई जगहों पर अभी भी मकान नम्बर वार्डों के पुनर्गठन से पहले के जो पुराने है वहीं अंकित है । ओर कई मकान नम्बर जीरो नम्बर पर भी अंकित है ।
मतदाताओं के मतदान केंद्र ओर कई जगहों पर बी एल ओ के निवास भी ऐक से तीन चार किलोमीटर दूर है वार्डों में रहने वाले सरकारी अध्यापकों को नहीं लगाकर दूर दराज के इलाकों में रहने वाले अध्यापकों को लगाया गया है वास्तव में वो बी एल ओ वार्ड के बारे में अनभिज्ञ होते हैं । मतदाताओं के मतदान केंद्र अन्य मतदान क्षेत्र में होने से बुजुर्ग व्यक्तियों को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।शहर की रेल्वे लाईन कई नगर परिषद के वार्डों को विभाजित करती है ,आधै मतदाताओं को ऐक तरफ ओर आधे मतदाताओं को दुसरी और जेसे पुलिस लाइन,मधुबन कालोनी के निवासीयो को रेलवे लाइन क्रोस करके नेहरू नगर में मतदान करते हैं ।
मूल मतदाता सूची 2002 में बी एल ओ द्वारा घर घर जाकर बनाई गई थी । तत्पश्चात नये नाम जोड़ने ओर हटाये गया था लेकिन बाड़मेर शहर के बाहरी वार्डों में ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ता है । कई नए मतदाताओं के मकान बन गए हैं ।
शहर में कई जगहों पर ऐक बूथ नजदीक होने के बावजूद भी दूर स्थित दूसरे  मतदान केंद्र पर मतदान करने मजबूरीवश जाना पड़ता है । आज़ाद चौक,खागल मोहल्ला,गाधी चोक, वाणिज्य कर विभाग बूथ पार करके हाई स्कूल बूथ पर जाना पड़ता है । कई कई जगहों पर ऐक ही वार्ड के दो भाग करके ओर दो बी एल ओ ओर कई जगहों पर  ऐक ही परिवार के लोगों के नाम भी अलग अलग बूथों पर होने से मतदान करने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।
फर्जी मतदान रोकने के लिए सरकारी स्तर पर सत्रह दस्तावेजों की जरूरत होती है लेकिन सरकार ने आवश्यक रूप से आधार कार्ड से मतदाताओं के नाम लिंक करने के लिए बी एल ओ ने करीबन सभी वार्डो में अपने कार्यों को पूरा किया गया था लेकिन वो आज तक भी सरकारी खानापूर्ति के नाम पर अधूरा ही रहा । कई बी एल ओ नाम जोड़ने, काटने, हटाने अन्य मतदान केंद्र पर जोड़ने के आवेदन मतदाताओं से फार्म लेकर विभाग में जमा करवाया जाता है लेकिन न तो कोई नाम हटा दिया, किसी व्यक्ति का एक ही मतदान सूची में दो जगह पर दर्ज है ओर फिर से वही पुरानी मतदाताओं की सूची लेकर जनता जनार्दन के कोप से ग्रस्त होते हैं ।
जिला कलेक्टर हिमांशु गुप्ता ने बताया की मतदाता सूचियों में हमारी ओर से समय समय पर अपडेट करने के सभी उपखण्ड अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं और संशोधन की जरूरत होने पर मतदाताओं ओर बी एल ओ की समस्यायों का समाधान किया जाएगा ।

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