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आठ गांव के लोगों को मिला विस्थापन का पैसा 38 गांव विस्थापन की प्रक्रिया से जुडे़ 18 गावों में प्रक्रिया शुरू

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गांव के विस्थापन के लिए केंद्र से 1600 करोड़ का बजट हैं अलॉटविशाल रजक तेन्दूखेड़ा /दमोह! नौरादेही वन्य जीव अभ्यारण्य से स्थित76 में से8और गांव के लोगों के खातों में विस्थापन का पैसा पहुंच गया है अब कुल20 गांव के लोग ऐसे है जिन्हें अभ्यारण्य से बाहर विस्थापित होने का पैसा मिल चूका हैं अभ्यारण्य की सीमा में बसे 76 गांव बाहर विस्थापित किए जाने हैं जिनकी प्रक्रिया करीब 8 साल पहले शुरू हुई थी लेकिन दिसम्बर2018 तक  महज 12गांव ही विस्थापित हो सके केंद्र सरकार ने मार्च तक विस्थापितों पर खर्च करने के लिए1600 करोड़ का बजट आवंटित किया था जिसे ज्यादा से ज्यादा खर्च करने के लिए विस्थापन के कार्य में तेजी लाई गई पिछले दो माह में8 गावों की विस्थापन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी कर इन गावों में रहने वाले लोगों के खातों में कलेक्टर के माध्यम से विस्थापन का पैसा पहुंचा दिया गया है जबकि18 नए गांव विस्थापन की प्रक्रिया में शामिल हो गए हैं 76 में से38 गांव विस्थापन से जुड चुके हैं इन 38 में से12गांव बाहर विस्थापित हो चुके हैं 8 गांव पैसा में विस्थापन के लिए सर्वे किया जा रहा है जिन्हें मार्च के आखिरी तक नौरादेही से बाहर विस्थापित किया जाएगा
पिछले पांच वर्ष में जंगल में घुसने वाले भी होंगे बाहर
सुप्रीम कोर्ट ने अभी हाल में निर्णय दिया है कि पिछले5 वर्षों में अस्थाई तौर पर जंगलों में जो व्यक्ति बसने पहुंचे हैं उन्हें भी वन सीमा से बाहर किया जाए  2006 में आए वन अधिकारी अधिनियम के तहत ऐसी जनजातियां जो पिछली तीन पीढ़ियों या 75 वर्षों से अधिक समय से वनों में रह रहे हैं और वनों के सरंक्षण व संवर्धन के लिए कार्य कर रहे हैं इस एक्ट के तहत उन्हें पट्टे देने का प्रावधान है लेकिन इस एक्ट की आड़ में कुछ अन्य लोगों ने भी जंगलों में बसना शुरू कर दिया और पट्टों के लिए आवेदन कर दिया जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने ऐसे लोगों को तुरंत वन सीमा से बाहर करने के आदेश दिए हैं क्योंकि यह लोग वनों का संरक्षण व संवर्धन तो नहीं करेंगे बल्कि पट्टे में मिली जमीन के पेड़ काटकर खेती करना और शुरू कर देगें
यह गांव हो चुके विस्थापित
रमपुरा /बिजनी/बड़पानी/छोटा पीपला/ बड़ा पीपला/भडरा/कुसवारी/नौरादेही/तरा/तिन्दनी/लगरा और कुसमी!
1600करोड़ खर्च करने की बढ़ सकती है मियाद
केन्द्र के केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने नौरादेही अभ्यारण्य से गांव के विस्थापन के लिए1600 करोड़ का बजट पिछले वर्ष दिसम्बर माह में आवंटित किया था विस्थापन के कार्य में तेजी लाकर मार्च तक इस बजट के पैसे का ज्यादा से ज्यादा उपयोग करना था मार्च तक प्रत्येक माह विस्थापन पर 533 करोड़ रुपए खर्च करने का बजट था वन विभाग इस बजट का उपयोग करते हुए पिछले दो माह में8 गांव का विस्थापन कर चुका है और इसी पैसे से18 गांव के विस्थापन की प्रक्रिया चल रही है वन अधिकारियों का दावा है कि इस पैसे का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किया जा रहा है और केंद्र सरकार इस बजट को खर्च करने की समय सीमा में भी वृद्धि कर सकती है
बजट की मियाद बढ़ाने करेंगे प्रयास

नौरादेही अभ्यारण्य की सीमा में ऑउट साइट वाले गांव ही बचे हुए हैं ज्यादा से ज्यादा गावों में विस्थापन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है जो गांव बचे हैं उनमें भी मुझे नहीं लगता अब कोई दिक्कत जाएगी केंद्र से विस्थापितों पर मार्च तक खर्च करने जो 1600 करोड़ का बजट मिला था उसकी समय सीमा बढ़ाने प्रयास किए जा रहे हैं उम्मीद से पैसा खर्च करने की मियाद बढ़ जाएगी

डॉ अंकुर अवधिया डीएफओ नौरादेही वन्य अभ्यारण्य सागर मध्यप्रदेश

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