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भारत को चीते देंगे दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया मध्यप्रदेश के नौरादेही अभ्यारण्य में रखेंगे

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विशाल रजक तेन्दूखेड़ा/दमोह ब्यूरों  मध्यप्रदेश के तीन जिलों में फैला हुआ नौरादेही वन्य अभ्यारण्य में 30 चीतों को बसाने की तैयारी की जा रही है ये चीते दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से मंगाए जा रहे हैं इस प्राजेक्ट पर 260 करोड़ रुपए से भी ज्यादा खर्च होगें वन्य जीवों की विश्व स्तरीय संस्था इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर(आईयूसीएन) नेशनल बोर्ड ऑफ वाइल्ड लाइफ और सुप्रीम कोर्ट ने चीतों को भारत लाने की अनुमति दे दी है मालूम हो भारत में काफी समय पहले चीते खत्म हो चुके हैं इसलिए यहां नए सिरे से चीतों को बसाया जा रहा है पिछले चार माह से नौरादेही वन्य अभ्यारण्य की 15 सदस्यीय समिति इसके लिए काम कर रही है इसमें स्टेट फॉरेस्ट रिसर्च इंस्टीट्यूट जबलपुर वेटनरी मेडिकल कॉलेज और वाइल्ड लाइफ वैज्ञानिक शामिल हैं ये नौरादेही अभ्यारण्य में जलवायु परिवर्तन के असर तथा जैव विविधता को लेकर अध्ययन कर रहे हैं टीम में अध्ययन में पाया है कि चीतों के लिए नौरादेही वन्य अभ्यारण्य बहुत अच्छा है

आईयूसीएन व सुप्रीम कोर्ट ने चीते लाने की दी स्वीकृति-नौरादेही वन्य अभ्यारण्य में चीतों को बसाने के लिए 400वर्ग किमी का क्षेत्र तैयार

500वर्ग किमी में हो रही तैयारी
अभ्यारण्य में 500 वर्ग किमी क्षेत्र में चीतों के लिए तैयारी की जा रही है इसमें से 400 वर्ग किमी क्षेत्र में घास का मैदान तैयार कर लिया है यहां ज्यादा संख्या में वन्य प्राणी वाले इलाके चिन्हित किए गए हैं ताकि चीतों को शिकार के लिए पर्याप्त वन्य प्राणी मिले पानी के संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं सुरक्षा के लिए चार ड्रोन कैमरे ट्रैप कैमर पूर्व सैनिक और अभ्यारण्य की टी रहेंगी
अभ्यारण्य तैयार है
चीतों को बसाने के लिए नौरादेही वन्य अभ्यारण्य पूरी तरह से तैयार है साइंटिफिक टीम अध्ययन कर अपने सुझाव दे रही है दोनों देशों व विभिन्न संस्थाओं से अनुमति मिल चुकी है दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया में कुछ औपचारिकताएं पूरी होना है केंद्र स्तर से तारीख तय होते ही चीतों को लाया जाएगा

डॉ अंकुर अवधिया जिला वन अधिकारी एवं नौरादेही अभ्यारण्य

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