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पत्थर से सिर कुचलकर युवक का शव नहर में फेंका, 11 दिन बाद मिला शव

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कोटा,  (हि.स.)। भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र में 11 दिन पहले अपहरण युवक का शव रविवार को बायीं मुख्य नहर केशवराय पाटन में बरामद हुई। इस मामले में भीमगंजमंडी थाना पुलिस ने चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है, वारदात का मुख्य आरोपित अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
पुलिस के मुताबिक भीमगंजमंडी थाना क्षेत्र के स्टेशन रोड़ संजय नगर निवासी करण (22) का 13 मार्च को उसके दोस्तों ने अपहरण कर लिया था। जिस पर करण की मां ने 14 भीमगजमंडी थाने में पहुचकर करण कि गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए उसके दोस्त आकाश, रोहित, शुभम, सोनू, आशीष पर हत्या की आशंका जताई। मामले की रिपोर्ट दर्ज होते ही थाना पुलिस ने युवक की तलाशी शुरू की। पुलिस पूछताछ में मृर्तक के भाई विक्की ने बताया था कि करण के दोस्त रोहित ने उसे रात को फोन कर संजय नगर बुलाया जिसके बाद वो उसे चोपड़ा फार्म हाउस लेकर गए। जिस पर थाना पुलिस ने चोपड़ा फार्म पर तलाशी ली। इस दौरान चोपड़ा फार्म हाउस की गली नंबर 6 में खून से सने पत्थर व घटना स्थल पर खून के निशान मिले। आप पास के लोगों से पूछताछ के दौरान उन्होंने यहां कुछ युवको में झगड़ा होने की बात कही। घटना के बाद आरोपित युवक कोटा शहर से फरार हो गए। इस दौरान 11 दिनों तक पुलिस ने नहर व आस पास के क्षेत्रों में युवक की तलाश की। रविवार सुबह एक युवक की लाश केशवराय पाटन में होने की सूचना मिली। जिस पर नगर निगम की रेस्क्यू टीम की मदद से युवक का शव चम्बल नहर से निकालकर कोटा के एमबीएस अस्पताल में रखवाया गया। युवक की पहचान मृतक के भाई विक्की ने उसके कपड़ो, जूतों व हाथ पर बने टेटू से करण के रूप में की। थाना पुलिस ने तीन सदस्य मेडिकल बोर्ड की टीम से युवक के शव का पोस्टमार्टम करवा शव परिजनों को सपुर्द किया।
आरोपी व मृतक सभी थे गहरे दोस्त :- मृतक के भाई विक्की ने बताया कि आकाश, रोहित, शुभम, आशीष, सोनू व मृतक करण आपस में गहरे दोस्त थे। सभी दोस्तों का उनके घर आना जाना था। इनके बीच में छूट पुट लड़ाई झगड़े भी हुआ करते थे व कुछ देर बाद एक हो जाते जिससे उनमें ऐसा प्रतीत होता था कि उनके बीच कभी बात को लेकर कोई झगड़ा ही नहीं हुआ। इसके बाद 13 मार्च शाम 7 बजे करण, रोहित, आकाश, सुम्मी, सोनू और आशीष के साथ छावनी का नाम लेकर घर से निकला था। उस समय में रोहित के साथ था। जिसके बाद रोहित ने रात 10 बजे करण को संजय नगर चोपड़ा फार्म हाउस पर बुलाया। जिसके बाद करण घर नही लोटा। दूसरे दिन 14 मार्च को करण कि तलाश में आकाश के घर पहुंचा तो आकाश घर पर सो रहा था, उससे पूछने पर आकाश ने करण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। जिस पर उसने मामले की रिपोर्ट थाने में दर्ज कराने की बोली जिसके बाद आकाश व अन्य दोस्त अपने घरों से फरार हो गए और उन्होंने अपने मोबाइल भी बन्द कर दिए।
शराब और पेट्रोल को लेकर हुआ झगड़ा :-भीमगंजमंडी थानाधिकारी हर्षराज सिंह खरेडा ने बताया कि 13 मार्च को रोहित, आकाश, शुभम, आशीष व सोनू ने करण को फोन कर चोपड़ा फार्म पर बुलाया। यहां सभी ने मिलकर शराब पार्टी की। जिसके बाद शराब व पेट्रोल के पैसों को लेकर इनके बीच में विवाद हुआ और सभी दोस्तों ने मिलकर वहां पड़ी पट्टियों के पत्थर से करण के सिर पर ताबड़तोड़ हमला किया जिससे करण की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद सोनू व शुभम वहां से अपने घर की ओर निकल गए। करण के शव को ठिकाने लगाने व हत्या की साक्ष्य मिटाने के लिए सोनू ने रोहित को अपनी लाल रंग की इंडिका कार दी। जिस पर रोहित, आकाश, आशीष तीनों ने मिलकर करण के शव को कार की डिग्गी में डालकर उसे बालिता रोड आवासीय क्षेत्र से दूर ले जाकर युवक का शव सिंता नहर में फेंक दिया और वारदात को अंजाम देने के बाद तीनों आरोपित अपने घर जाकर सो गए।
एक साल पूर्व रोहित के साथ हुई थी मारपीट:- थानाधिकारी हर्षराज सिंह ने बताया कि एक साल पूर्व रोहित के साथ नयापुरा इलाके में कुछ युवकों द्वारा मारपीट की घटना हुई थी। जिसके बाद रोहित को शक था कि करण के इशारों पर उसके साथ मारपीट हुई। इसी बात को लेकर उनमें रंजिश चल रही थी। रंजिश का बदला लेने के लिए रोहित ने आकाश व अन्य दोस्तों को साथ लेकर करण को ठिकाने लगाने की योजना बनाई और पूरी घटना को अंजाम देने के बाद आरोपित को कोटा छोड़ कर फरार हो गए।
करण सहित सभी दोस्तों का है आपराधिक रिकॉर्ड:-करण हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि करण व पांचों आरोपित आपराधिक प्रवृति के है जिन पर शहर के विभिन्न थानों में मारपीट सहित कई अन्य धाराओं में अलग-अलग मामले दर्ज है। जिसमे मृतक करण के खिलाफ 6 केस मारपीट व अन्य धाराओं, आकाश के खिलाफ 2, रोहित के खिलाफ 7 मामले दर्ज है। जिसके चलते सभी दोस्त एक साथ मिलकर वारदातों को अंजाम देते थे।
संजय नगर में चार महीने पहले किराये से लिया था मकान:- नयापुरा निवासी मृतक के ताऊ लक्ष्मण ने बताया कि 5-6 साल से करण नयापुरा इलाके में अपने माता के साथ रहता था। यह से कुछ महीने पहले ही करण अपनी मां और छोटे भाई के साथ संजय नगर में मकान किराये पर लेकर रहने लगा था। मृतक के ताऊ ने मांग करते हुए कहा कि पुलिस इतनी बड़ी घटना की पीछे छुपे आरोपितों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाले।
मुख्य आरोपित अभी भी है फरार :-  करण हत्याकांड के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शनिवार देर रात्रि को वारदात में शामिल आकाश को टोंक जिले के उनियारा से गिरफ्तार किया गया वहीं आरोपी सोनू, आशीष, शुभम को पुरानी रेलवे फाटक नेहरू नगर से गिरफ्तार किया। पुलिस पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने अपना जुर्म कबूल किया। वारदात का मुख्य आरोपित रोहित अभी भी पुलिस गिरफ्त से बाहर है। पुलिस आरोपित की तलाश में जुटी है।

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