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एम्स ट्रामा सेंटर एक महीने तक रह सकता है बाधित, नए मरीजों को नहीं किया जा रहा भर्ती

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नई दिल्ली: एम्स ट्रामा सेंटर के आपातकालीन विभाग में मरीजों की भर्ती को एक महीने तक रोके जाने की संभावना है। रविवार को लगी आग के चलते आपातकालीन विभाग का ऑपरेशन थियेटर एरिया भी प्रभावित हुआ है। इसी के चलते ओटी (ऑपरेशन टेबल) के काम नहीं करने के कारण सोमवार को पहले से निर्धारित सर्जरी को स्थगित कर दिया गया। वहीं, नए मरीजों को भी भर्ती नहीं किया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, जय प्रकाश नारायण एपेक्स ट्रॉमा सेंटर के पांच प्रमुख ऑपरेशन थियेटर में प्रतिदिन औसतन 25 से 30 आपात सर्जरी होती हैं। ओटी परिसर में कामकाज नहीं होने के कारण नए मरीजों को भर्ती नहीं किया जा सकता है। दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीज ही एम्स ट्रामा सेंटर आते हैं। ऐसे में अधिकतर मरीजों के मामले में आपात सर्जरी करनी जरूरी होती है।

सूत्रों के मुताबिक, सोमवार को होने वाली चार से पांच आपात सर्जरी मुख्य एम्स परिसर में हुईं। अन्य सर्जरी प्राथमिकता के आधार पर अगले कुछ दिनों में की जाएंगी। एम्स ट्रामा सेंटर में आग की घटना की जानकारी न होने के चलते सोमवार को कई मरीज आपात कालीन विभाग पहुंचे। ऐसे मरीजों को जानकारी देकर सफदरजंग और आरएमएल अस्पतालों के लिए रेफर कर दिया गया।

उधर, एम्स प्रबंधन मरीजों को सुविधा मुहैया करवाने के लिए पहली मंजिल पर पुनर्निर्माण के चलते बंद ओटी को जल्द से जल्द शुरू करवाना चाहता है, ताकि गंभीर रूप से घायल मरीजों को इलाज मिल सके।

दरअसल, एम्स के ट्रामा सेंटर के एक ऑपरेशन थियेटर के पास रविवार को आग लग गई थी। एम्स प्रशासन ने आग के कारण का पता लगाने के लिए इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं। एम्स ने एक बयान में कहा था कि रविवार की शाम लगभग 5.45 बजे भूतल पर ओटी से सटे एक स्टोर में धुआं निकलते देखा गया। अस्पताल के डाक्टरों और कर्मचारियों की सजगता से कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया और अस्पताल की अग्नि सुरक्षा टीम और दमकल ने तुरंत कार्रवाई की। इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

इंजीनियरिंग विभाग ने ट्रामा सेंटर का किया दौरा
सोमवार को एम्स ट्रामा सेंटर में इंजीनियरिंग विभाग के विशेषज्ञों ने दौरा किया। इस दौरान आग से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए लागत व समय पर जानकारी दी। सूत्रों के मुताबिक, इंजीनियरिंग विभाग ने अस्पताल प्रबंधन को कम से कम दो महीने में काम पूरा करने की बात कही है। इसमें पांच मुख्य ऑपरेशन थियेटर भी शामिल हैं। आग के चलते ओटी रूम में कई उपकरण व सर्जरी से संबंधित अन्य सामान खराब हो गया था।

सफदरजंग अस्पताल में बढ़ी मरीजों की संख्या
एम्स ट्रामा सेंटर में आग के चलते मरीजों को अब सफदरजंग में रेफर किया जा रहा है। इसी के चलते सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल ने इमरजेंसी में डॉक्टरों की संख्या बढ़ा दी है। फिलहाल अभी तक सफदरजंग अस्पताल की इमरजेंसी में तीन से साढ़े तीन हजार मरीज आते थे। लेकिन रविवार के बाद मरीजों की संख्या में 50-60 की बढ़ोतरी हो गई है।

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