Home उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव: उप्र में भाजपा ने 29 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा

लोकसभा चुनाव: उप्र में भाजपा ने 29 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा

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लखनऊ, (हि.स.)। भाजपा ने मंगलवार को 29 प्रत्याशियों की सूची जारी कर विरोधियों के चुनावी रणनीति को झटका दिया है। जहां सुलतानपुर से सांसद रहे वरूण गांधी को पीलीभीत से मैदान में उतारा है वहीं मेनका गांधी का अमेठी राजघराने के कांग्रेस प्रत्याशी संजय सिंह से सीधे मुकाबला होगा। भाजपा की इस सूची में कहीं सपा-बसपा गठबंधन से तो कहीं कांग्रेस से सीधे भीड़न्त होगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मंगलवार को 39 प्रत्याशियों की सूची में 29 नाम उप्र से और 10 उम्‍मीदवार पश्चि‍म बंगाल से हैं। इस सूची में केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा, उप्र सरकार की कैबिनेट मंत्री प्रो.रीता बहुगुणा जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो.रामशंकर कठेरिया समेत कई प्रमुख उम्मीदवारों के नाम शामिल हैं।
भाजपा की जारी सूची से कानपुर के सांसद व वरिष्ठ नेता डा. मुरली मनोहर जोशी को झटका लगा है। भाजपा नेता जोशी का टिकट काटकर कानपुर लोकसभा सीट पर योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी को पार्टी ने मैदान में उतारा है। वहीं, पहली बार बलिया के सांसद चुने गए भरत सिंह का भी टिकट कट गया है और इनके स्थान पर भदोही के वर्तमान सांसद वीरेन्द्र सिंह मस्त को मैदान में उतार दिया है। वीरेन्द्र सिंह को किसान नेता के रूप में प्रसिद्धि हासिल है। वह भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं।
वरूण गांधी व मेनका गांधी के सीटों की अदला-बदली

मेनका गांधी को सुल्तानपुर और उनके बेटे वरुण गांधी को पीलीभीत से टिकट दिया है। पार्टी ने दोनों की नेताओं की सीट की अदला-बदली कर उन्हें चुनावी मैदान पर उतारा है। 2014 में वरुण गांणी सुल्तानपुर से चुनाव जीते थे, जबकि उनकी मां मेनका गांधी पीलीभीत लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से चुनकर संसद पहुंचीं थी।

रेल मंत्री मनोज सिन्हा गाजीपुर, महेन्द्रनाथ पांडेय चंदौली से

2014 की लोकसभा में गाजीपुर से चुनकर मोदी सरकार में रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा को दोबारा गाजीपुर से ही प्रत्याशी बनाया गया है। माना जा रहा कि उनके विकास कार्यों को देखकर गाजीपुर से मनोज सिन्हा को प्रत्याशी उतारने की डिमांड पर यह फैसला लिया गया है। मनोज सिन्हा गाजीपुर से 1996 में 11वीं, 1999 में 13वीं व 2014 में 16वीं लोकसभा जीतकर पहुंचे। वहीं, चंदौली के सांसद व भाजपा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेन्द्रनाथ पांडेय भी चंदौली से ही दोबारा प्रत्याशी घोषित हुए हैं। वहीं, धौरहरा लोकसभा से दोबारा रेखा वर्मा को भी प्रत्याशी बनाया गया है। रेखा 2014 के लोकसभा चुनाव से ही राजनीति में एंट्री कीं और यहां से जीतीं। रेखा का राजनीतिक इतिहास बहुत लंबा नहीं है। पति अरुण वर्मा के देहांत होने के बाद भाजपा ने रेखा वर्मा को धौरहरा से लोकसभा का टिकट दिया था।
पिता की सीट से ताल ठोंकेंगी डॉ.रीता बहुगुणा जोशी
उप्र सरकार में कैबिनेट मंत्री रीता बहुगुणा जोशी को भाजपा ने इलाहाबाद लोकसभा सीट पर उतारा है। 2017 विधानसभा चुनाव के करीब वह भाजपा में शामिल हुईं तथा लखनऊ कैंट विधानसभा से चुनाव लड़ीं और विधायक चुनी गयीं। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के बड़े नेता व उप्र के मुख्यमंत्री रहे स्व. हेमवती नंदन बहुगुणा की पुत्री हैं रीता बहुगुणा। इस सीट से स्व. हेमवती नन्दन बहुगुणा भी चुनाव लड़कर सांसद बने थे।

साध्वी निरंजन ज्योति फतेहपुर से लड़ेंगी चुनाव
2012 में हमीरपुर (उत्तर प्रदेश) विधान सभा सीट से लगातार तीसरी बार भाजपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ीं और रिकॉर्ड मतों से चुनाव जीतकर विधायक बनीं। 2014 में फतेहपुर से सांसद चुनी गयीं और मोदी सरकार में केंन्द्रीय मंत्री बनाई गयीं। साध्वी को हाल ही में बीते कुम्भ मेले में श्री पंचायती निरंजनी अखाड़े की महामंडलेश्वर बनाया गया है।
बाराबंकी में लोकसभा 2014 चुनाव जीतने वाली भाजपा प्रत्याशी प्रियंका रावत रिपोर्ट कार्ड को देखने के बाद भाजपा के संसदीय बोर्ड कमेटी ने उनका टिकट काटकर विधायक उपेन्द्र रावत को टिकट दे दिया है। इसी प्रकार बहराइच के बहलिया सीट से विधायक रहे अक्षयवर लाल गोड़ को लोकसभा का टिकट भाजपा ने दे दिया है, ये सीट सांसद सावित्री बाई फुले के कांग्रेस में चले जाने के बाद खाली हुआ था। कुशीनगर लोकसभा सीट पर भी भाजपा ने हियुवा चेहरे को अपना प्रत्याशी बनाया है। इस सीट पर सांसद रहे राजेश पांडेय अपनी रिपोर्ट कार्ड पेश करने में फेल हो गये। जिसके बाद पार्टी ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए विजय दुबे को मौका दिया है। विजय कांग्रेस की टिकट पर पूर्व विधायक रह चुके हैं। 2017 के बाद वह भाजपा के संपर्क में आ गए।

सपा के प्रत्याशी आजम खान का मुकाबला करेंगी भाजपा से जया प्रदा
रामपुर से 2004 से 2014 के बीच समाजवादी पार्टी के टिकट पर सांसद रह चुकीं और वर्तमान में बीते कुछ दिन पहले भाजपा का थाम चुकी अभिनेत्री जया प्रदा को पार्टी ने सपा के कद्दावर नेता आजम खान के खिलाफ मैदान में उतारा है। आजम खान और जया प्रदा के बीच पिछले कई सालों से मतभेद जगजाहिर हैं। ऐसे में इन दोनों नेताओं के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।

इन लोगों को मिला दोबारा टिकट
फर्रुखाबाद से मुकेश राजपुत, अबकरपुर से देवेन्द्र सिंह भोले, जालौन से भानू प्रताप वर्मा, हमीरपुर से पुष्पेंद्र सिंह चंदेल, फैजाबाद से लल्लू सिंह, कैसरगंज से बृजभूषण शरण सिंह, श्रावस्ती से दद्दन मिश्रा, गोंडा से कीर्तिवर्धन सिंह, डुमरियागंज से जगदम्बिका पाल, बस्ती से हरीश द्विवेदी, महारागंज से पंकज चौधरी, बांसगांव से कमलेश पासवान, सलेमपुर से रविन्द्र कुशवाहा को भी दोबारा प्रत्याशी घोषित किया गया है। वहीं, आगरा के सांसद व एसी आयोग के चेयरमैन रमाशंकर कठेरिया को भी दोबारा प्रत्याशी बनाकर उतारा गया है, लेकिन आगरा से नहीं इटावा से वह चुनाव लड़ेंगे। भाजपा ने उन्हें इटावा लोकसभा सीट पर उतारा है। कठेरिया मोदी सरकार में केन्द्रीय मंत्री भी रह चुके हैं। कठेरिया को इटावा सांसद अशोक कुमार दोहरे के स्थान पर लड़ाया गया है।

वहीं, भाजपा के विभिन्न बड़े पदों पर संगठन का काम कर चुके सुब्रत पाठक को पार्टी ने दोबारा कन्नौज लोकसभा सीट पर उतारा है। यहां उनका मुकाबला सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव से होगा। इस सीट पर समझौता के तहत कांग्रेस का सपा को समर्थन रहेगा।

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