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सेंट्रल फोर्स की तैनाती के बिना चुनावी ड्यूटी करने को तैयार नहीं सरकारी कर्मचारी

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कलकाता, 02 अप्रैल (हि.स.)। राज्य सरकार के कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि अगर प्रत्येक मतदान केंद्र पर सेंट्रल फोर्स की तैनाती नहीं हुई तो वे चुनावी ड्यूटी नहीं करेंगे। पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी आरिज आफताब ने घोषणा की थी कि राज्य के प्रत्येक मतदान केंद्र पर सशस्त्र बलों की तैनाती होगी जिसमे राज्य पुलिस और केंद्रीय बलों के जवान मिली जुली संख्या में होंगे। मंगलवार को
कोलकाता में कांग्रेस समर्थित कर्मचारी संगठन इंटक की ओर से राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा गया है जिसमें साफ किया गया है कि अगर प्रत्येक मतदान केंद्र पर सेंट्रल फोर्स की तैनाती नहीं हुई तो इंटक से जुड़े सरकारी कर्मचारी चुनावी ड्यूटी नहीं करेंगे।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल संपन्न हुए पंचायत चुनाव के दौरान चुनावी ड्यूटी के लिए तैनात एक प्रिसाइडिंग अधिकारी की निर्मम हत्या कर शव को रेलवे लाइन के किनारे फेंक दिया गया था जबकि दो अधिकारियों को किडनैप कर मारा पीटा गया था।
कुछ कर्मचारियों को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इस बार लोकसभा चुनाव में तैनात होने वाले अधिकारी डरे हुए हैं और साफ कर चुके हैं कि अगर उनके घर से लेकर चुनावी ड्यूटी वाली जगह तक सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो वे ड्यूटी नहीं करेंगे। उत्तर बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले में मंगलवार को चुनावी ड्यूटी में तैनात होने वाले सरकारी कर्मचारियों ने चुनाव प्रक्रिया संपन्न कराने संबंधी प्रशिक्षण को दरकिनार कर दिया है और साफ किया है जब तक प्रत्येक मतदान केंद्र पर केंद्रीय जवानों की तैनाती संबंधी लिखित आश्वासन चुनाव आयोग की ओर से नहीं मिलेगा तब तक वह ना तो प्रशिक्षण में भाग लेंगे और ना ही चुनावी ड्यूटी में।
सरकारी कर्मचारियों के कन्फेडरेशन के महासचिव मलय मुखर्जी ने कहा कि पिछले साल बंगाल में पंचायत चुनावों के दौरान बड़े पैमाने पर हिंसा को देखते हुए, मतदान अधिकारी इस बार बूथों पर जाने से डर रहे हैं। हमारी मांग है कि चुनाव ड्यूटी और हर बूथ के लिए कम से कम छह केंद्रीय बल के जवान तैनात हों।”
परिसंघ के नेताओं ने उत्तर 24-परगना के देगंगा से एक और घटना का हवाला दिया जहां पीठासीन अधिकारी मनीरुल हसन गुंडों द्वारा हमला किए जाने पर गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
मुखर्जी ने कहा, हमें अपने ज्ञापन में स्पष्ट कर दिया है कि”कोई सुरक्षा नहीं तो कोई ड्यूटी नहीं” यह कहते हुए कि यह चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात हुए सभी कर्मचारियों की भावना है।,”
इस बीच, चुनाव के लिए सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए विशेष पुलिस पर्यवेक्षक विवेक दुबे मंगलवार शाम सिलीगुड़ी पहुंच गए हैं। वह कल सिलीगुड़ी सर्किट हाउस में उत्तर बंगाल में चुनाव आयोग द्वारा नियुक्त सभी पर्यवेक्षकों के साथ बैठक करेंगे।

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