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मातृ शक्ति के आगे झुका प्रशासन, शराब ठेकों को हटाने के आदेश

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कोटा, (हि. स.)। संतोषी नगर चौराहे पर शराब के ठेकों को बंद कराने के लिए 11 दिनों से धरने पर बैठी मातृ शक्ति की आखिरकार जीत हो ही गई। गुरुवार रात को एडीएम सिटी आरडी मीणा ने महिलाओं के बीच पहुंचकर सरकार द्वारा संतोषी नगर चौराहे पर लगी चारों दुकान हटाने के आदेश की जानकारी दी। जिसके बाद महिलाओं की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। धरने पर बैठे महिलाओं ने सरकार की घोषणा के बाद जमकर आतिशबाजी कर एक दूसरे का मुंह मीठा करवाया।शुक्रवार को शराब बंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा धरना दे रही महिलाओं के बीच पहुंची, जहां महिलाओं ने पूजा छाबड़ा के सहयोग पर आभार प्रकट कर उन्हें 51 किलो का हार पहनाया।
संतोषी नगर चौराहे पर संचालित किए जा रहे चार शराब की दुकानों से तंग आकर स्थानीय महिलाओं ने एक अप्रेल को अपना धरना शुरू करते हुए शराब ठेकों को बंद कराने को लेकर अपनी आवाज बुलंद की थी। विपरीत परिस्थितियों में भी महिलाओं ने धरना स्थल पर डट कर शराब ठेकों का विरोध किया। देश में शराब बन्दी को लेकर आंदोलन चला रही शराबबंदी आंदोलन की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा छाबड़ा पांच अप्रेल को धरना स्थल पहुंची और महिलाओं से मिलकर उनकी समस्या जानी। इस बीच महिलाएं अपनी पूरी शक्ति के साथ धरना स्थल पर डटी रहीं वही पूजा छाबड़ा ने संतोषी नगर की महिलाओं की समस्या को लेकर जयपुर में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से मिलकर महिलाओं की आवाज को उठाया।
पूजा छाबड़ा ने सरकार के निर्णय का स्वागत करते हुए राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व इस लड़ाई में साथ देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों का धन्यवाद देते हुए कहा कि एक महिला ही दूसरी महिला का दर्द जानती है। यहां जीत संतोषी नगर की मातृ शक्ति की जीत है जो राजस्थान में एक नया इतिहास बनी है। इस मौके पर पार्षद देवेंद्र चौधरी मामा ने कहा कि संतोषी नगर की महिलाओं का संघर्ष राजस्थान के इतिहास में एक अद्भुत नजारा है, जिन्होंने 44 डिग्री के तापमान में भी धरना स्थल पर बैठ कर शराब की दुकानों का विरोध जारी रखा।”

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