Home दिल्ली तीन तलाक पर मोदी को मिला महबूबा का साथ?

तीन तलाक पर मोदी को मिला महबूबा का साथ?

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नई दिल्ली (ईएमएस)। तीन तलाक विधेयक पर राज्यसभा में सरकार को एक अनपेक्षित सहयोगी मिल गया। विभिन्न मुद्दों पर सरकार की कठोर आलोचना करने वाली महबूबा मुफ्ती की पार्टी पीडीपी ने इस विधेयक पर मतदान के दौरान गैरहाजिर रहना उचित समझा।
आमतौर पर ऐसे विधेयकों में मतदान के दौरान जो भी राजनीतिक दल गैरहाजिर रहते हैं वह एक तरह से विधेयक का परोक्ष रूप से समर्थन ही करते हैं, किंतु अपनी राजनीतिक विवशताओं के चलते खुलकर समर्थन में नहीं आना चाहते।
मंगलवार को राज्यसभा में तीन तलाक विधेयक पर मत विभाजन के दौरान यही नज़ारा देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी जनता दल यूनाइटेड सहित अनेक राजनीतिक दल गैरहाजिर रहे। किंतु महबूबा मुफ्ती की पार्टी के 2 सांसदों का गैर हाजिर रहना सबको चौंका गया क्योंकि महबूबा लगातार कहती आई हैं कि वह इस विधेयक पर भाजपा नीत सरकार के साथ नहीं जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा था कि भारतीय जनता पार्टी इस विधेयक के माध्यम से हमारे घरों में पहुंच रही है। उन्होंने आज भी ट्वीट करके कहा था कि जब सुप्रीम कोर्ट तीन तलाक को गैरकानूनी घोषित कर चुका है तो विधेयक की कोई आवश्यकता ही नहीं है। उन्होंने सवाल किया था कि भारत के आर्थिक हालात को देखते हुए क्या यह कानून प्राथमिकता होना चाहिए ?
लेकिन महबूबा के ट्वीट और सदन में उनकी पार्टी के रुख में जमीन आसमान का फर्क है। महबूबा के इस ट्वीट के बाद जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके कहा कि महबूबाजी ट्वीट करने से पहले कम से कम यह तो पता कर लें कि इस विधेयक पर आपकी पार्टी के सांसद गैरहाजिर रहे थे जिससे सरकार को आवश्यक संख्या जुटाने में आसानी हुई।
दरअसल महबूबा की पार्टी के दो सदस्यों की गैरमौजूदगी से सदन में उपस्थित सदस्यों की संख्या कम हो गई और कांग्रेस के विरोध के बावजूद आसानी से सरकार यह विधेयक पारित कराने में सफल रही। अब इसे कानून की शक्ल देने में राष्ट्रपति की मंजूरी की आवश्यकता होगी। बताया जाता है कि सूचना के अधिकार कानून में बदलाव के समय भी विधेयक पारित करने में महबूबा की पार्टी ने सरकार की मदद की थी।

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