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चीन ने लद्दाख में बढ़ाया तनाव, भारत सतर्क तैनात किए 300 सैनिक, 100 से ज्यादा तंबू गाड़े

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नई दिल्ली(एजेंसी)। सीमा विवाद को लेकर चीन और भारत के बीच लद्दाख में तनाव बढ़ता जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक लद्दाख के पैंगोंग सो झील और गलवां नदी घाटी समेत कुल तीन जगहों पर 300 सैनिकों की तैनाती के साथ चीन ने अपना दावा किया, जिसके बाद भारत ने भी अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती की है। सूत्र ने कहा, हमारे उपग्रह की निगरानी और खुफिया जानकारी से पता चला है कि चीन ने गलवां नदी के पास भारतीय गश्ती क्षेत्र के पास सैनिकों के लाने-ले जाने और सामानों की आपूर्ति के लिए क्षेत्र में कई सड़कों का निर्माण किया है। वहीं, दौलत बेग ओल्डी सेक्टर में 81 ब्रिगेड के अधिकारियों और उनके चीनी समकक्षों के बीच बैठकें हो रही हैं।
चीन ने 100 से ज्यादा तंबू ताने
सूत्रों का कहना है कि चीनी सेना ने पिछले दो सप्ताह में 100 से ज्यादा तंबू गाड़कर अपनी स्थिति को मजबूत किया है। बंकर बनाने वाली मशीनों को भी लाना चालू कर दिया है। भारतीय सेना ने भी गलवां झील और घाटी क्षेत्र, दोनों जगह पर निर्माण चालू किया है। भारतीय सेना इस क्षेत्र में बेहतर स्थिति में है। पिछले एक सप्ताह में चीनी सैनिकों की तरफ से भारतीय सैनिकों पर कई हमले करने की भी खबर है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी।
भारत-चीन तनाव के बीच सेना प्रमुख नरवणे पहुंचे लद्दाख
वहीं शनिवार को सीमा विवाद को लेकर भारत-चीन में तनाव के बीच सेना प्रमुख जनरल मनोज मुकुं नरवणे लद्दाख दौरे पर पहुंचे। नरवणे के साथ सेना की उत्तरी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल वाईके जोशी, 14वीं कोर के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल हरिंदर सिंह और दूसरे वरिष्ठ अधिकारी भी थे।
हालांकि, सेना प्रमुख ने पूरे हालात और रक्षा तैयारियों का जायजा लिया। इसी इलाके के गलवां नदी घाटी के पास पिछले दिनों भारत और चीन की सेना के बीच झड़प हुई थी। इससे पहले नरवणे ने जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ की बढ़ती घटनाओं और सीमा पर पाकिस्तानी सेना की गोलीबारी को देखते हुए पिछले महीने वहां का दौरा किया था।
लद्दाख और सिक्किम में भीड़ चुके हैं सैनिक
बीते 5 मई को पूर्वी लद्दाख में स्थिति तब बिगड़ गई जब करीब 250 चीनी और भारतीय सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हो गई और अगले दिन तक जारी रही। बाद में दोनों ओर के लोकल कमांडरों की मीटिंग हुई और दोनों तरफ के सैनिक पीछे हटे। दोनों तरफ के सैनिकों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से प्रहार के साथ-साथ पत्थरबाजी भी की। इस हिंसक झड़प में दोनों तरफ के करीब 100 सैनिक जख्मी हो गए थे। उसके बाद 9 मई को सिक्किम में यही घटना दुहराई गई। वहां नाकू ला दर्रा में करीब 150 भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हिंसक झड़प हुई जिसमें दोनों तरफ के कम-से-कम 10 सैनिक घायल हो गए थे।
पांच बार हो चुकी हैं लोकल कमांडरों की मीटिंग
पिछले एक हफ्ते में ईस्टर्न लद्दाख में चीनी सौनिकों की तरफ से कई बार सीमा का उल्लंघन किए जाने की खबरें आईं। हालांकि, इस पर किसी तरह की आधिकारिक प्रतिकिेया नहीं आई और न ही इसकी पुष्टि की गई। इस दौरान दोनों ओर के लोकल कमांडरों के बीच कम-से-कम पांच मीटिंग हुई। इन मीटिंग में भारतीय कमांडर ने गल्वान वैली में पीपल्स लिबरेशन आर्मी की तरफ से बड़ी संख्या में टेंट गाड़े जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। सूत्रों के मुताबिक, पीएलए जिस इलाके में टेंट गाड़ रहा है, भारत उसे अपना इलाका मानता है।

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