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Breaking news गुजरात में पेट्रोल-डीजल हुआ दो रुपए महंगा, नई दरें रात 12 बजे से लागू

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अहमदाबाद, कोरोना और लॉकडाउन के चलते पहले से मुश्किलों से जूझ रही गुजरात की जनता को सरकार ने एक और झटका दिया है| गुजरात सरकार ने प्रति लीटर पेट्रोल और डीजल की कीमतों 2-2 रुपए की वृद्धि का फैसला किया है| पेट्रोल और डीजल की नई दरें सोमवार की रात 12 बजे से लागू होंगी| उप मुख्यमंत्री नितिन पटेल ने पत्रकार परिषद में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि राज्य में लॉकडाउन के चलते आर्थिक गतिविधियां ठप होने से सरकार को हजारों करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है| आय बढाने के लिए सरकार ने पेट्रोल-डीजल में प्रति लीटर रु. 2 वेट बढाने का फैसला किया है| उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों में पेट्रोल-डीजल गुजरात से ज्यादा महंगा है| सरकार की आय घटी है और खर्च बढ़ने की वजह से पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि का फैसला करना पड़ा है| इससे पहले गुजरात में दो बार पेट्रोल की कीमत में 7 फीसदी की कटौती की थी और प्रतिशत के हिसाब से आज भी भारत के अन्य राज्यों की तुलना में गुजरात में पेट्रोल-डीजल के दाम सबसे कम हैं| उन्होंने कहा कि कोरोना के दो महीने तक समूचे देश में लॉकडाउन रहा| जिसकी वजह से सभी आर्थिक गतिविधियां ठप हो गईं| राज्यों की आय पेट्रोल, डीजल और गैसे इत्यादि वस्तुओं से होती है, जो लॉकडाउन के चलते घट गई| सरकार के करों की आय में भारी गिरावट हुई, इसके बावजूद 5 लाख से ज्यादा सरकारी कर्मचारियों को वेतन दिया| आय घटने के बावजूद योजनाएं बंद नहीं की गईं| वेतन-भत्ते और कोन्ट्रेक्टरों के बिलों का भी भुगतान किया गया| कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रत्येक जिलों में कोविड होस्पिटल की व्यवस्था पर राज्य सरकार ने भारी खर्च किया है| कोविड अस्पतालों में उपचाराधीन मरीजों के रहने-भोजन और उपचार समेत सभी खर्च राज्य सरकार ने वहन किया| इसके अलावा राज्य में सैनिटाइजिंग प्रक्रिया पर भी सरकार ने बड़ा खर्च किया है| कोरोना संकट और लॉकडाउन में आय घटी परंतु खर्चा काफी बढ़ गया| नितिन पटेल ने कहा कि जीएसटी का 50 प्रतिशत राज्य और 50 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार को मिलता है| इस वर्ष 55560 करोड़ रुपए जीएसटी से आय की उम्मीद थी, लेकिन उसमें काफी कमी आई है| जीएसटी की आय में 10000 करोड़ की आय घटेगी| वेट से 23230 करोड़ रुपए आय का अनुमान बजट में पेश किया था| परंतु वेट की आय में भी इस साल 8500 करोड़ रुपए कमी का अनुमान है| स्टाम्प ड्यूटी से 9000 करोड़ रुपए की आय होती है, उसमें 50 फीसदी कमी आएगी| मोटर-व्हीकल बिक्री और ट्रांसपोर्टेशन वाहनों की बिक्री पर टेक्स से सालाना 4500 करोड़ रुपए की आय होती थी, जिसमें जो 1800 से 2000 तक घटने का अनुमान है| उप मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली ड्यूटी की आय रु. 1300 करोड़ घटने का अनुमान है| इस बार सरकार ने ड्यूडी 20 से प्रतिशत से घटाकर 15 फीसदी कर दी है और फिक्स चार्ज माफ कर दिया है| एक साल तक सभी विधायकों के वेतन में 30 फीसदी की कटौती की गई है| राज्य सरकार के कर्मचारी और अधिकारियों के वाहन भत्ता और महंगाई भत्ता में कोई वृद्धि नहीं होगी| राज्य सरकार अन्य कोई अतिरिक्त खर्चों को भी मंजूरी नहीं देगी| इसके अलावा सरकार ने वाइब्रेंट गुजरात के आयोजन पर भी ब्रेक लगा दी है|

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