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सोरेन सरकार बरसे भाजपा अध्यक्ष नड्डा, कहा प्रदेश आज ‘‘अराजकता’’ का दूसरा नाम बन गया

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नई दिल्ली (एजेसी)। भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार पर जमकर प्रहार करते हुए कहा कि प्रदेश आज ‘‘अराजकता’’ का दूसरा नाम बन गया है, जहां नक्सली ‘‘दनदना’’ रहे हैं, भ्रष्टाचार और ट्रांसफर उद्योग बन गया है तथा शासकवर्ग ‘‘मस्त, मूकदर्शक व बेपरवाह है। झारखंड के आठ जिलों में नवनिर्मित कार्यालयों का उद्घाटन करते हुए नड्डा ने प्रदेश भाजपा के नेताओं व कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे प्रदेश में चल रहे ‘‘कुशासन’’ पर अंकुश लगाने के लिए जनता के बीच जाएं और एक सफल और अच्छी विपक्ष की भूमिका निभाएं।
उन्होंने आरोप लगाया,कहीं उग्रवाद, कहीं नक्सलियों का हमला, कहीं लोगों का अपहरण होना, कहीं दिनदहाड़े मारे जाना, कहीं लूट, कहीं डकैती, कहीं अपहरण। आज झारखंड में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। झारखंड अराजकता का दूसरा नाम बन गया है। नड्डा ने कहा कि भाजपा की पूर्ववर्ती सरकार के समय झारखंड में नक्सलवाद करीब समाप्त हो गया था और लोग आराम से घूम फिर सकते थे लेकिन नक्सलियों काप्रकोप आज फिर से बहुत बढ़ गया है। उन्होंने कहा,आज नक्सलवाद, जो दिखाई नहीं देता था, उसका प्रकोप इतना बढ़ गया है, कि जो झारखंड छोड़कर के चले गए थे, वे आकर झारखंड में फिर से दनदना रहे हैं,वहां मस्त हैं। यह तभी होता है जब शासन कमजोर होता है, जब शासक बेपवाह होता है। ये तभी होता है जब शासक को जनता की तकलीफ समझने की इच्छा नहीं होती।’’
नड्डा ने कार्यकर्ताओं से आह्वान करते हुए कहा कि ऐसी सरकार को प्रजातांत्रिक तरीके से उखाड़ फेंके और इसके लिए जनता के बीच जाएं।उन्होंने आरोप लगाया,आज झारखंड में भ्रष्टाचार एक उद्योग बन गया है। प्रदेश में तबादला उद्योग बना है। हर तबादले के रेट तय हैं। पोस्ट के तबादले का इतना पैसा, उस पोस्ट पर तबादले का उतना पैसा। खुलेआम ये धंधा चल रहा है।
उन्होंने आरोप लगाया,जिस तरीके से कोविड-19 के खिलाफ जंग में प्रदेश सरकार का प्रबंधन होना चाहिए था वह नहीं हुआ। प्रधानमंत्री ने जो राशन भेजा है वह भी जमीन पर नहीं पहुंचा है। प्रधानमंत्री इधर से राशन भेज रहे हैं लेकिन वह राशन भी ठीक से नहीं पहुंच रहा है। उसमें भी घोटाले हो रहे हैं।’’ भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि यही फर्क पड़ता है ‘‘सुशासन’’ का और ‘‘कुशासन’’ का। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे इन सारे मुद्दों को जनता के बीच ले जाएं, उन्हें अवगत कराएं और उनके साथ मिलकर शासन पर अंकुश लगाएं।

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