Home मध्यप्रदेश रेत माफियो का आतंक……

रेत माफियो का आतंक……

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सीहोर (एजेसी)। बहुचर्चित रेत का अवैध उत्खनन जिसका देश भर मे सीहोर जिले का नाम सबसे ज्यादा ओर प्राथमिकता के आधार पर उठाया जाता रहा है। वैसे तो प्रदेश भर में रेत माफिया जिला प्रशासन ओर खासकर खनिज विभाग पर भारी पड़ रहा है। लेकिन सीहोर जिले का नाम देश भर में प्राथमिकता के आधार पर चर्चित रहता है? सबसे महत्वपूर्ण बात तो यह है कि प्रदेश की राजधानी भोपाल से सबसे समीपवर्ती क्षैत्र में रेत का अवैध उत्खनन ओर वह भी प्रदेश के मुख्यमंत्री के ग्रह जिले में अवैध रेत उत्खनन होने के चलते मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की पैनी नजर रहती हैं। जब कभी समय मिल जाये तो कांग्रेस के दिग्गज नेता भी सीहोर जिले के बुधनी विकास खंड में प्रदर्शन करने में देरी नहीँ करतें हैं।

शासन द्वारा प्रतिबंधित समय में रेत उत्खनन, भारी वाहन प्रतिबंधित मार्ग से हो रहा रेत का परिवहन
खनिज विभाग को सब है खबर, कार्यवाही भी होती है, लेकिन नियंत्रण के बाहर है अवैध उत्खनन
पुलिस प्रशासन कारवाई करने वाले दल पर भी हमला, भू-माफियाओ ने 30 जुलाई को पुलिस आरक्षक को भी ट्रेक्टर ट्राली से मारी टक्कर।
बेखोफ रेत माफिया पुलिस पर भी प्राण घातक हमला करने मे नहीं चुकता।
बेखोफ रेत का अवैध उत्खनन कर खुले आम परिवहन करने वाले लोगों के हौसले इतने बुलंद है कि अब मौका आने पर पुलिस जवानों के ऊपर ही वाहन चढाने जैसे कृत्य करने के बाद भी अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन करनें वालो के विरुद्ध कोई सख्त नहीं होना ? क्षैत्रवासियो का इस बात को लेकर चिंतन है कि आखिर इन लोगों को इतनी शह आजादी मिलने मे कई बङे लोगों का बरद हस्त आशीर्वाद प्रा पत तो नहीं है ? घटना 30 जुलाई की रात को थाना रेहटी के अंतर्गत चोकी सलकनपुर मे पदस्थ आरक्षक धर्मेंद्र यादव अपने अधिकारी ओर दल के साथ अवैध रेत परिवहन की सूचना पर मोके पर पंहुचे तो ट्रेक्टर ट्रॉली से टक्कर मारकर घायल कर दिया था जिसमें पुलिस अधीक्षक शशीदृं चोहान के मोके पर पंहुचने के बाद कार्यवाही मे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसी प्रकार 25 जुलाई की मध्य रात्रि को लाङकुई थाना क्षेत्र में रेत परिवहन करने वालों ने हवाई फायर कर दहशत का माहौल पैदा कर दिया था जिसमें 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
कार्यवाई ? खनिज विभाग की कार्यवाई पर भी लग रहे है पृशन चिन्ह ?
खनिज विभाग भी आए दिन स्थानीय लोगों के द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से जीता जागता उदाहरण वीडियो के माध्यम से अवैध खनन एवं परिवहन का प्रदर्शन उल्लेख सहित व्हाट्सएप पर दिखाये जाने पर
खनिज विभाग को कार्यवाई करने के लिए विवश होना पड़ता हैं जिसके चलते कार्यवाही करने के लिए मौके पर पड़ी 500 डंपर रेत को विभाग ने 200 डंपर ही बताते हुए मात्र 70 डंपर ही उठाई अब यहां पर भी कार्यवाही पर प्रश्नचिन्ह लगना स्वाभाविक है। लेकिन फिर भी खनिज विभाग की कार्यवाही को दाद देना पड़ेगा की पिछले सप्ताह खनिज विभाग ने छिपानेर के पास किए गए अवैध स्टॉक को जप्त करने की कार्रवाई की थी, जिसमें 200 डंपर रेत जब्त करने की बात कही और 70 डंपर ही जप्त कर कार्यवाही को अंजाम दिया। तथा अवैध उत्खनन पर कार्यवाई करने का रिकार्ड में दर्ज कर अपनी उपस्थिति प्रदर्शित कर दी। जबकि मौके पर 500 डंपर से अधिक सड़क किनारे अवैध रूप से रेत पड़ी हुई थी। इसी प्रकार की एक ओर कार्यवाई को अंजाम शुक्रवार को 15 से 20 ओवरलोड व अवैध रेत डंपर चेकिंग के दौरान कार्रवाई से बचते हुए मुख्य मार्ग से जाते हुए अचानक कालिया देवी तरफ मुङ गये। ओर 5 डंपर अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन करते हुए पकड़े जाने की खबर से लोगों को संतुष्ट कर दिया। बाकी अन्य डंपर कहाँ गये जांच का विषय है ?
नर्मदा नदी के किनारे व आसपास चारों तरफ सङक के किनारों पर भारी संख्या में रेत माफियो द्वारा रेत के बङे बङे ढेर लगे हुये हैं। जो एक ईमानदार निडर अधिकारी की बाॅट जो रहै हैं जो इन रेत माफियो पर कार्यवाई कर सके।
प्रतिबंधित मार्ग से कर रहे हैं रेत से भरे भारी वजन वाहन। जब से इंदौर- होशगांबाद हाइवे के नसरुल्लागंज से करीब 10 किलोमीटर दूर सीप नदी पर स्थित पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। पुल के क्षतिग्रस्त होने के बाद आमजन की सुविधा के मद्देनजर विकल्प के रूप में मार्ग को परिवर्तित किया गया है। यह रोड सेमल पानी वासुदेव इटावा से होते हुए परिवर्तित किया गया है इस पर भारी व रेत से भरे वाहनों के आगमन पर प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके बाद भी इसी रोड से रेत से भरे डंपर निकल रहे हैं।

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