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कोरोना से मौतों की संख्या 60 हजार के करीब, 24 लाख से ऊपर ठीक हुए

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कोरोना से मौतों की संख्या 60 हजार के करीब, 24 लाख से ऊपर ठीक हुए
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नई दिल्ली (एजेंसी)। देशभर में कोरोना संक्रमण से मंगलवार रात 10 बजे तक 59,593 लोगों की मौत हो चुकी थी। इस बीमारी ने देश में अब तक 32 लाख 28 हजार 365 लोगों को अपनी चपेट में लिया है। मंगलवार को 61,242 लोग ठीक हुए और 64,484 नए संक्रमित मिले। देश में 7 लाख 3 हजार 861 एक्टिव मामले हैं। पिछले 2 दिनों से लगातार एक्टिव मामलों की संख्या कम हो रही है।

महाराष्ट्र तमिलनाडु आंध्रप्रदेश कर्नाटक उत्तर प्रदेश ऐसे राज्य हैं जहां प्रतिदिन 5000 से ऊपर नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। महाराष्ट्र में मंगलवार को 10,425, तमिलनाडु में 5951, आंध्रप्रदेश में 9927, कर्नाटक में 8161 और उत्तरप्रदेश में 5006 नए संक्रमित मरीज मिले। मरीजों के मिलने की रफ्तार पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, ओडिशा, केरल, छत्तीसगढ़, मध्यप्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, दिल्ली, असम जैसे राज्यों में भी तेज है। दिल्ली में रिकवरी रेट 90% से ऊपर है।

इन राज्यों में देश के लगभग 90% नए संक्रमित मरीज मिल रहे हैं। इसके अलावा कुछ छोटे राज्यों में भी संक्रमण तेजी से फैल रहा है।बाकी राज्यों की तुलना में इन राज्यों में अधिक संख्या में मरीजों के मिलने के कारण देश में कोरोना का प्रसार दुनिया में सबसे तेज हो गया है। बीते लगभग 18 दिन से भारत में कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या प्रतिदिन दुनिया में सर्वाधिक मिल रही है हालांकि संक्रमण के लिहाज से भारत अभी भी अमेरिका और ब्राजील से पीछे है।

लेकिन जल्द ही भारत ब्राजील को पीछे छोड़ देगा। भारत में मृत्यु दर भी घटकर 2% से नीचे आ गई है। संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि का कारण प्रतिदिन होने वाले टेस्ट हैं। वर्तमान में देश में प्रतिदिन सवा नौ लाख से अधिक कोरोनावायरस टेस्ट हो रहे हैं जिसके कारण इतनी अधिक संख्या में मरीज मिल रहे हैं। शीघ्र ही प्रतिदिन 10 लाख के करीब टेस्ट किए जाएंगे जिससे तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि प्रतिदिन 20 लाख टेस्ट करने से 10 दिन के भीतर कोरोना की वास्तविक स्थिति का पता चल जाएगा और इस पर नियंत्रण होना भी शुरू हो जाएगा। इस बीच दुनियाभर में कोरोना को लेकर वैक्सीन पर शोध जारी है। भारत में भी इस दिशा में ट्रायल चल रहे हैं लेकिन अभी तक कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं आया है जिसका उपयोग भारत में बड़े पैमाने पर हो सके।

रूस और चीन जैसे देशों ने कोरोना के वैक्सीन बनाने का दावा किया है लेकिन इसका उपयोग फिलहाल वहां की जनसंख्या पर किया जाएगा। इन दोनों देशों ने जिस जल्दबाजी में कोरोना वैक्सीन बनाया है उससे इस वैक्सीन की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि राहत की बात यह है कि देश के अनेक हिस्सों में कोरोना के प्रति एंटीबॉडी डिवेलप हो रही है। अनेक शहरों में सोरो सर्वे से यह बात उभरकर सामने आई है कि जनसंख्या के एक बड़े हिस्से में कोरोना के प्रति लड़ने की क्षमता पैदा हो चुकी है।

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