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कोरोना काल में आसान नहीं होगा मेट्रो का सफर

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कोरोना काल में आसान नहीं होगा मेट्रो का सफर
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नई दिल्ली  (एजेंसी)। कोरोना काल में बंद पड़ी दिल्ली मेट्रो को फिर से चलाने की कवादय तेज हो गई है। मगर मेट्रो का यह सफर अब पहले की तुलना में काफी अलग हो सकता है। बिना फेस मास्क के सफर करना, सोशल डिस्टेंसिंग के उद्देश्य से खाली छोड़ी गई सीट पर बैठना, थूकना और गंदगी फैलाना अब यात्रियों को बहुत ही ज्यादा महंगा पड़ सकता है। दिल्ली मेट्रो के शुरू होते ही इन नियमों के उल्लंघन पर भारी जुर्माना लगाए जाने के प्रावधान हो सकते हैं।

यह जानकारी इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने दी है। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल यानी की एक टीम अब कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए लागू होने वाले नियमों के किसी भी तरह के उल्लंघन पर नजर रखेगी। अधिकारियों ने कहा कि मेट्रो में अब जुर्माना पहली बार नियम का उल्लंघन करने वालों के लिए 500 रुपए से शुरू हो सकता है और दोहराने पर यह जुर्माना काफी ज्यादा हो सकता है। बता दें की सीआईएसएफ ही दिल्ली मेट्रो की सुरक्षा करता है।

दरअसल, 22 मार्च से ही दिल्ली मेट्रो की सेवा बंद है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता कर्फ्यू की अपील की थी। इसके बाद देश में 68 दिनों का लॉकडाउन लगा और अब तक मेट्रो की सेवा बंद है। देश में अनलॉक की शुरुआत से ही अन्य पब्लिक ट्रांसपोर्ट को शर्तों और छूट के साथ इजाजत दे दी गई, मगर मेट्रो की सेवा अनलॉक -3 तक बंद है। मेट्रो से रोजाना 2.4 मिलियन यात्री सफर करते हैं। दिल्ली मेट्रो की सेवा कब से शुरू होगी, कब मेट्रो पटरी पर लौटेगी, अब तक इसकी घोषणा नहीं हुई है।

हालांकि, माना जा रहा है कि 1 सितंबर से पहले जारी होने वाले अनलॉक-4 की गाइडलाइन्स में दिल्ली मेट्रो को फिर से शुरू करने के आदेश आ सकते हैं। यानी अनलॉक-4 में मेट्रो का परिचालन शुरू हो सकता है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन द्वारा बुलाई गई बैठक में मेट्रो के लिए नए प्रोटोकॉल जब सेवा बहाल होगी तब के बारे में निर्णय लिया गया और इसमें सीआईएसएफ और दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया।

इस बैठक में उत्तर प्रदेश और हरियाणा के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी भाग लिया, क्योंकि दिल्ली मेट्रो इन राज्यों के कुछ हिस्सों में भी सेवाएं प्रदान करती है, जो राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र एनसीआर में आते हैं। बैठक में शामिल अधिकारियों में से एक ने नाम न छापने की शर्त पर कहा कि यह निर्णय लिया गया कि अगर मेट्रो सेवा शुरू होती है तो भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा निर्धारित सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘मेट्रो या मेट्रो परिसर में जो भी यात्री थूकता या गंदगी करता हुआ पकड़ा जाएगा, उस पर जुर्माना लगाया जाएगा। जो लोग मास्क पहनने जैसे नियमों का पालन नहीं करेंगे, जो सोशल डिस्टेंसिंग के उद्देश्य से खाली छोड़ी गई सीट पर जानबूझकर बैठ मानदंडों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उन पर भी भारी जुर्माना लगाया जाएगा। सीआईएसएफ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल जितेन्द्र राणा ने कहा कि बल की अल्फा टीमें और फ्लाइंग स्क्वॉड चेकिंग और निगरानी करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘हमारे नियमित सुरक्षा कार्यों के अलावा, हमारी टीमें दिल्ली मेट्रो या परिसर की स्वच्छता को बाधित करने वाले किसी भी व्यक्ति पर नज़र रखेंगी। ऐसे उल्लंघनकर्ताओं को पकड़ा जाएगा और जुर्माना लगाया जाएगा। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि पहली बार नियमों का उल्लंघन करने वालों के लिए 500 रुपए के जुर्माना का प्रावधान होगा। ऑफेंस दोहराने वाले के लिए यह जुर्माना काफी बढ़ सकता है।

नियम का उल्लंघन करने के बाद जुर्माना देने से इनकार करने या मना करने वालों पर मुकदमा चलाया जा सकता है और उन्हें दिल्ली पुलिस की इकाई दिल्ली मेट्रो रेल पुलिस को सौंप दिया जा सकता है। मेट्रो सफर में क्या हो सकते हैं बदलाव एक कोच में 40 से 50 सवारियों के ही बैठने-खड़े होने की अनुमति होगी। अभी एक कोच में 120 सवारी सफर करती हैं। एक ट्रेन में 6 कोच हैं। एक-एक सीट छोड़कर सवारियों को बैठाया जाएगा। आरोग्य सेतु एप मोबाइल फोन में होना जरूरी है।

तभी प्रवेश मिलेगा। हर सवारी की थर्मल स्क्रीनिंग के बाद ही सफर की अनुमति दी जाएगी कोरोना के लक्षण होने पर सफर नहीं करने दिया जाएगा और मेडिकल टीम बुलाई जाएगी। हर सवारी के चेहरे पर मास्क होना चाहिए स्टेशन और प्लेटफार्म पर बनाए गए निश्चित बॉक्स में ही लोगों को खड़ा होगा। ऐसा नहीं करने पर जुर्माना लिया जाएगा। दिव्यांग और बुजुर्ग को छोड़कर बाकी को लिफ्ट का प्रयोग करने की इजाजत नहीं होगी। सवारी को सेनेटाइज करने के बाद ही स्टेशन के अंदर प्रवेश दिया जाएगा।

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