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फर्जी वेबसाईट के जरिये 10 हजार लोगो से दस करोड की ठगी करने वाला हाइटेक गिरोह सायबर सेल की गिरफ्तार

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फर्जी वेबसाईट के जरिये 10 हजार लोगो से दस करोड की ठगी करने वाला हाइटेक गिरोह सायबर सेल की गिरफ्तार
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भोपाल(एजेंसी)। राजधानी की सायबर सेल टीम ने बडी कार्यवाही करते हुए ऐसे हाईटेक जालसाज गिरोह को दबोचा है फर्जी वेबसाईट के जरिये लोगो को लोन दिलाने के नाम पर लंबे समय से ठगी की वारदातो को अंजाम दे रहे थे। अधिकारियो के अनुसार फर्जी वेबसाईट के जरिये गिरोह ने लगभग 10 हजार लोगो से दस करोड की ठगी है। हैरानी वाली बात यह है कि हाईटेक जालसाज गिरोह मास्टरमांइड अपनी मंगेतर और साली के साथ मिलकर ठगी की वारदातो को अंजाम देता था।

ओर लोन के नाम पर धोखाधडी करने के लिये जालसाजो ने दो कॉल सेंटर खोल रखे थे।सायबर सेल की टीम ने गिरोह के आरोपियो को दिल्लि से गिरफ्तार किया है। सायबर सेल अफसरो ने ठग गिरोह का खूलासा करते हुए बताया कि इसी साल जनवरी माह मे फरियादी पदमेश सिंह ने शिकायती आवेदन देते हुए बताया कि दिसम्बर 2019 में www.swiftfinance.in द्वारा पर्सनल लोन देने का झांसा देकर उनके साथ अज्ञात शातिरो ने उसके साथ धोखाधडी करते हुए काफी रकम ऐंठ ली।

शिकायती आवेदन की जांच के दौरान क्राईम ब्रांच ने अज्ञात आरोपियो के खिलाफ धोखाधडी आईटी एक्ट सहित अन्य धाराओ के तहत माला दर्ज कर पडताल शुरु कर दी। तकनीकी छानबीन के दौरान हाथ लगे सुरागो के आधार पर राजधानी की सायबर सेल टीम को आरोपी डेविड कुमार जाटव,.नेहा भट्ट, मनीषा भट्ट ओर कमल कश्यप के नाम पता चले। इसके बाद योजना बनाते हुए राजधानी की सायबर सेल टीम ने नोयडा दिल्ली से तीन आरोपियो को गिरफ्तार कर लिया, वही एक आरोपी कमल कशयप फरार हो गया।

अफसरो के अनुसार पुछताछ मे सामने आया कि जालसाज डेविड कुमार जाटव पिता प्रभुदयाल चौधरी (21) निवासी गाजियाबाद गिरोह का मास्टरमांइड है, जिसने बी कॉम तक पढाई की है। डेविड कुमार जाटव आरडीआई वेबसाल्यूशन नाम से आईटी कंपनी चलाता है। डेविड कुमार ने ऑनलाईन वेबसाइट डिजाइनिंग का कोर्स किया है, जो फर्जी वेबसाइट ग्राहको को लोन देने के लिये बनाता था। जिस फर्जी वेबसाइट का ऑनलाईन विज्ञापन गूगल ऐड मे देता था। इस काम के लिये उसने नोयडा (उ.प्र.) में कॉल सेन्टर खोल रखे है।

जहां 25-30 लडकियों को ऑनलाईन ग्राहको को लोन लेने के लिये फोन करने के लिये रखा था। गिरोह की दूसरी आरोपी युवती नेहा भट्ट पिता चन्द्रशेखर (23) निवासी उत्तारखंड ने बीए तक पढाई की है। अधिकारियो के अनुसार शातिर नेहा भट्ट मास्टरमांइड डेविड कुमार जाटव की मंगेतर है, ओर अगस्त 2018 से यह डेविड कुमार जाटव के साथ काम कर रही है। नेहा गिरोह के सरगना और अपने मंगेतर डेविड की फर्जी कंपनियों के प्रबंधन का काम देखती है।

जालसाज गैंग की पकडाई गई तीसरी आरोपी यूवती मनिषा भट्ट पिता चन्द्रशेखर (27 निवासी उत्ताराखंड ने बीए तक पढाई की है। मनीषा मुख्य आरोपी डेविड की मंगेतर नेहा भट्ट की बहन है, ओर डेविड की कंपनियों से ग्राहको को फोन करने वाले कॉल सेंटर प्रबंधन का काम देखती है। वही फरार आरोपी कमल कश्यप का काम फर्जी बैंक एकाउंट सिम कार्ड उपलब्ध कराना था। कमल मास्टरमांइड डेविड कुमार जाटव को ग्राहको से पैसे लेने हेतु फर्जी बैंक एकाउंट सिम कार्ड उपलब्ध कराता था।

डेविड कुमार जाटव इसे हर फर्जी बैंक एकाउंट के आधार पर 50 हजार रूपये पेमेंट करता था। सायबर सेल अफसरो ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी फर्जी वेबसाइट डेवलप कर इन फर्जी वेबसाइट का गूगल ऐड के माध्यम से विज्ञापन देते थें। जब ग्राहक लोन लेने के लिये अपने पर्सनल जानकारी डालते थे, तब कंपनी के कॉल सेंटर से ग्राहको को लडकियां कॉल करती थी, तथा प्रोसेसिंग फीस, सिक्यूरिटी डिपोजिट, जीएसटी एवं वनटाइम ट्रांजेक्शन के नाम पर अलग-अलग चार्जेस के नाम पर ग्राहको से 30-40 हजार रूपये ठग लेते थे।

शातिर गिरोह द्वारा हर फर्जी वेबसाइट का दो से ढाई महीने तक उपयोग किया जाता था, इसके बाद गिरोह फर्जी वेबसाइट को बंद कर नई वेबसाईट पर अपना काम शुरु कर देते थे। आरोपी लोन के लिये बनाई गयी हर एक फर्जी वेबसाइट से करीब 1200 लोगो को ठगते थे। जाल मे फसंने वाले लोगों से पैसे लेने के लिये गिरोह फर्जी बैंक खातो एवं कॉल करने के लिये भी जिन सिम कार्डो का उपयोग करते थे, उन्हें भी हर महीने बदल देते थे। ग्राहको को फोन करने के लिये गिरोह द्वारा दो कॉल सेंटर नोयडा (उ.प्र.) में किराये पर ले रखे थे।

जिसका देढ लाख लाख रूपये महीना किराया देते थे। इस कॉल सेंटर मे 25-30 लडकियों को 10-15 रूपये की मासिक सैलरी पर रखा गया था। अधिकारियो के अनुसार छानबीन मे पता चला कि फोन करने वाली लडकियां कर ग्राहक का रिकार्ड साफ्ट कॉपी में एक्सल में नोट करती थी। इन एक्सल फाईलों की पडताल करने पर शुरुआत मे लगभग 8-10 हजार लोगो के साथ ठगी करने की बात सामने आई है।

अफसरो ने बताया कि शातिर गिरोह द्वारा अभी तक लगभग 10 हजार लोगो से करीब 10 करोड रूपये की ठगी की गयी है। कार्यवाही के दौरान पुलिस ने आरोपियो से 6 लेपटॉप, 25 मोबाईल फोन, 21 पेन ड्राइव, 8 एक्टिवेटेड सिम कार्ड, 19 डेबिट कार्ड, 3 रेंट एग्रीमेंट संबंधी दस्तावेज, 3 वेबसाइट संबंधी दस्तावेज, 1 राउटर मय मोडेम मय इंटरनेट कन्वेटर ओर एक बलेनो कार जप्त की है। अधिकारियो ने बताया कि गिरोह के फरार आरोपी की तलाश जारी है, वही गिरफ्तार युवक, युवतियो से आगे की पुछताछ की जा रही है, जिसमे और भी खुलासे होने की उम्मीद है।

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