Home मुम्बई महाराष्ट्र के गृहमंत्री का आरोप, अर्नब को बालाकोट, पुलवामा जैसी गोपनीय बातें कैसे पता चलीं?

महाराष्ट्र के गृहमंत्री का आरोप, अर्नब को बालाकोट, पुलवामा जैसी गोपनीय बातें कैसे पता चलीं?

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महाराष्ट्र के गृहमंत्री का आरोप, अर्नब को बालाकोट, पुलवामा जैसी गोपनीय बातें कैसे पता चलीं?

मुंबई(एजेंसी)। रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की कथित व्हाट्सएप चैट्स सामने आने के बाद उनकी मुसीबत बढ़ने वाली है। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अर्नब को दो साल पहले बालाकोट में किए हमले की पहले से ही जानकारी थी। इतनी गोपनीय बातें अर्नब को कैसे पता चलीं यह बड़ा सवाल है। देशमुख ने कहा कि मामले में मंगलवार को कैबिनेट मीटिंग है, उसके बाद निर्णय लिया जाएगा।

महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने कहा कि अर्नब गोस्वामी और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता के जो चैट्स वायरल हुए हैं, उसके बारे में हम पूरी जानकारी ले रहे हैं। उसमें काफी गोपनीय बातों का उल्लेख किया गया है। अनिल देशमुख ने कहा कि दोनों के चैट्स में बालाकोट और पुलवामा के बारे में भी जिक्र किया गया है। उसकी पूरी जानकारी हम ले रहे हैं।

उन्होंने कहा कि इतनी गोपनीय बातें अर्नब गोस्वामी को कैसे पता चलीं ? इसके बारे में भी पता करवा रहे हैं। महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने बताया कि हम पूरे प्रकरण को लेकर मंगलवार को एक बैठक कर रहे हैं। इसके बाद ही हम आगे की कार्रवाई तय करने वाले है।

इसके पहले शरद पवार नीत राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी ने सोमवार को सरकार से टीवी चैनल के प्रधान संपादक अर्णब और टेलीविजन रेटिंग एजेंसी बीएआरसी के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता के बीच हुई कथित बातचीत की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) का गठन करने की मांग की। एनसीपी के प्रमुख प्रवक्ता महेश तपासे मीडिया में वायरल उस कथित बातचीत का जिक्र कर रहे थे, जिसके अनुसार गोस्वामी को बालाकोट हवाई हमले के बारे में कई गुप्त जानकारियों का पता था।

तपासे ने कहा कि यह बेहद स्तब्ध और परेशान करने वाला है कि कैसे राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दे का इस्तेमाल टीआरपी पाने के लिए किया गया। तपासे ने कहा कि वह इस संबंध में बातचीत करने के लिए महाराष्ट्र के गृह मंत्री अनिल देशमुख से मंगलवार को मुलाकात करुंगा और ‘चैटगेट’ पर केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी स्पष्टीकरण मांग करुंगा। उन्होंने कहा कि सवाल यह भी उठता है कि अर्णब को कैसे इतनी संवेदनशील जानकारियां पता थी।

गृह मंत्रालय को तुरंत इस सूत्र का पता करना चाहिए और तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।अर्नब और ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल के पूर्व सीईओ पार्थ दासगुप्ता की मीडिया में सामने आई कथित वॉट्सऐप चैट के बाद कई सवाल खड़े हो गए हैं। इन चैट्स की जानकारी हैरान करने वाली है। इन्हें सही माना जाए,तब बालाकोट स्ट्राइक से तीन दिन पहले ही अर्नब को इस हमले की जानकारी थी। विपक्ष मामले पर मोदी सरकार पर हमलावर होकर आरोप लगा रहा है कि सरकार ने देश की सुरक्षा के साथ समझौता किया है। सरकार पर अर्नब के साथ साठगांठ के आरोप भी लग रहे हैं।

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