Home Uncategorized शीर्षक- गुरुवर

शीर्षक- गुरुवर

58
0
Listen to this article

मेरे कल को संवारने को,
आपने अपना आज गंवाया।
जीवन के निर्मम पथ पर,
निर्मल होकर चलना सिखाया।

मधु भ्रान्ति का राज बता,
सच्चे सुख को हमें समझाया।
प्राण प्राप्त परमार्थ हुआ,
यह सत्य हमें सिद्ध कराया।

निज प्रेम पुष्प की वर्षा कर,
हमें जीवन का मूल बताया।
हर मिथ्या से कराके अवगत,
हमें अमृत जीवन सार बताया।

Written by- Garvit A. V. Kulshrestha
Age- 15
Agra

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here