Home तकनीकि एक और हरित क्रांति शुरू करने का समय, नरेन्द्र मोदी को चुनने...

एक और हरित क्रांति शुरू करने का समय, नरेन्द्र मोदी को चुनने का समय-क्रांति समय

37
0
Listen to this article

‘‘अगर कृषि क्षेत्र में प्रगति होती है, तो हमारे गांवों में क्रय शक्ति बढ़ेगी और इससे भारत की आर्थिक प्रगति बढ़ेगी.’’- नरेन्द्रमोदी

भारत की अर्थव्यवस्था शायद एकमात्र अधिकांशत: कृषि आधारित अर्थव्यवस्था है जिसमें कृषि और किसानों पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है. स्वतंत्रता से लेकर अब तक हमने किसानों को, उनके कौशल की उन्नति को, तकनीकी उन्नयन को पर्याप्त महत्व एवंवित्त-पोषण नहीं दिया है, इसलिए भारतीय किसान अभी भी प्रकृति की कृपा पर निर्भर है.

आज हमारी आधी से अधिक जन संख्या कृषि संबंधी गतिविधियों में लगी हुई है, लेकिन कृषि का सकल घरेलू उत्पाद अभी भी लगभग 15% है. क्या हम किसानों को नवीन तम तकनीक, नवीन तम ज्ञान और आसान वित्त-पोषण से सशक्त बनाकर इस परिणाम को और बेहतर नहीं बना सकते?

उत्पादन की दिशा में यूपीए के खराब प्रदर्शन को सभी जानते हैं, फिर भी यह तथ्य कि यूपीए ने कृषि को बुरी तरह से लड़ खड़ाया है, आम तौर पर ज्ञात नहीं है. यूपीए सरकार की उदासीन और गरीब-रोधीनीतियों का खामियाजा किसानों को ही भुगतना पड़ता है. जहाँ एनडीए सरकार की कृषि विकासदर 9.6% थी, वहीं 2011-12 में यूपीए सरकारने इसे 3.6% पर ला खड़ा किया है. वर्ष 2012-13 में सीएस ओ बाहर होना एक और निराशा जनक तस्वीर है.
एक ओर जहां यूपीए सरकार कृषि क्षेत्र के लिए किसी महत्वपूर्ण सुधार को आगे बढ़ापाने में असफल रही है, वहीं श्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतर्गत एनडीए ने किसानों के लाभ के लिए बहुत से सुधार किए थे और कदम उठाए थे.

गुजरात में नरेन्द्र मोदी ने यह दिखा दिया है कि हम सही इरादों, अपने लक्ष्य के प्रति संकल्प और एक सकिय हितधारक की भूमिका निभाने वाली सरकार के साथ, कृषि की कायापलट कर सकते हैं. कृषि क्षेत्र में गुजरात ने बार-बार बेहतरीन प्रदर्शन किया है और राष्ट्रीय विकास दर को एक बड़े अंतर से मातदी है.

हालांकि ऐसी अभूतपूर्व विकास को दर को प्राप्त करने में अनेक कारकों की महत्वपूर्ण भूमिका है, फिर भी सिंचाई तक सरल पहुँच इसका सबसे मुख्य कारण है.गुजरात में पिछले एक दशक में शुद्ध सिंचित क्षेत्र में बहुत तीव्र दर से वृद्धि हुई है.

इस प्रकार यह बिलकुलस्पष्ट है कि यदि कोई व्यक्ति भारत में कृषि को संवेग प्रदान कर सकता है तथाभारत के करोड़ों किसानों को लाभ पहुंचा सकता है
download (38)

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here