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इंडो-नेपाल सीमा क्षेत्र इन दिनों तस्करो के लिए स्वर्ग साबित हो रहा है।

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तस्कर शराब,नारकोटिक मेडिसिन,मानव, मवेसी इत्यादियो की तस्करी कर मालामाल हो रहे हैं.
सीमा पर तैनात एसएसबी तथा स्थानीय पुलिस के आँख में धूल झोंकने के लिए तस्कर तस्करी के नए-नए तरीके ईजाद कर तस्करी को अंजाम देने में लगे रहते हैं।
कुछ ऐसा हीं वाकिया मंगलवार को देखने को मिला जहां तस्कर ने दो दलित मासूम बच्चों का इस्तेमाल कर फत्तेपुर नेपाल सीमा से पचास मवेशियों को वीरपुर हवाई अड्डा परिक्षेत्र में ले जाने के लिए इस्तेमाल किया.
एसएसबी को गुप्त सुचना मिली कि कुछ तस्कर मवेशियों को नेपाल से भारत के रास्ते कहीं और ले जा रहे हैं ,जो सीमा पिलर संख्यां …. से फत्तेपुर होते हुए वीरपुर हवाई अड्डा के बीच से गुजरकर आगे को जाएगी. सूचना के आधार पर एसएसबी के जवानों ने निर्धारित जगह पर पहुंचकर दो बच्चों के साथ मवेशियों को अपने कब्जे में कर लिया. सूचना प्राप्त होते हीं 45वीं बटालियन एसएसबी के कमांडेंट राम अवतार भलोठिया फत्तेपुर बीओपी पहुंचकर मवेशियों के साथ वीरपुर हवाई अड्डा परिसर तक पहुंचे।
मवेशी के साथ पकडे गए दो बच्चों में एक का नाम अरबिंद कुमार पिता नारायण सदा उम्र दस वर्ष है तथा दूसरे बच्चे का नाम कुलदीप कुमार पिता नारायण सदा उम्र नौ वर्ष फत्तेपुर वार्ड नंबर दो का बताया जा रहा है।
बच्चों ने बताया की दो आदमी ने उन दोनों को इन मवेशियों को हाँक कर वीरपुर हवाई अड्डा परिसर में पहुचाने के लिए कहा जिसके बदले में उन लोगों ने इन दोनों बच्चों को एक-एक सौ रूपये भी दिए। पकडे गए दोनों बच्चों ने मवेशी देने वाले व्यक्तियों को पहचानने से इनकार कर दिया।
वहीं बसंतपुर के कुछ स्थानीय लोग पकडे गए मवेशियों में से लगभग आधे मवेशियों को लेकर अपना दावा पेश किया.
जबकि कमांडेंट श्री भलोठिया ने इन दावो को खारिज करते हुए पकडे गए सारे मवेशी की तस्करी की बात स्वीकारी.
संवाददाता ओ.पी.राजु, की रिपोट

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