Home गुजरात गुजरात के मुख्यमंत्री का अंतिम और प्हला प्रवास सूरत ही रहा

गुजरात के मुख्यमंत्री का अंतिम और प्हला प्रवास सूरत ही रहा

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सूरत/बारडोली/नवसारी।मुख्यमंत्री के तौर पर अपने अंतिम सूरत दौरे को आनंदी पटेल ने प्रकृति और पर्यावरण को समर्पित किया। बारडोली के पास सरदार पटेल की कर्मभूमि गोता गांव में उन्होंने गुरुवार को राज्य के 67वें वन महोत्सव के तहत एकता वन का लोकार्पण किया। सूरत के सरदार पटेल एपीएमसी में उन्होंने पर्यावरण के लिए अनुकूल ऑर्गेनिक वेस्ट से खाद तथा गैस बनाने के प्लांट और फूड प्रोसेसिंग यूनिट का शिलान्यास किया। कर पर्यावरण के लिए समय रहते जरूरी कदम उठाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने चिखली के सादडवेल गांव में कावेरी शुगर फैक्ट्री का शिलान्यास किया। यह प्रोजेक्ट फंड की वजह से 27 साल से रुका पड़ा था। सरकार ने इसके लिए 33 करोड़ रुपए की सहायता दी है। गंभीरता में कोई कमी नहीं दिखी : मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद भी आनंदी पटेल की विषय के प्रति गंभीरता में कोई कमी नहीं दिखी। वह चिर-परिचित संजीदगी के साथ विभिन्न विषयों पर बोलीं। उन्होंने कहीं अहसास नहीं होने दिया कि वह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे चुकी हंै। बारडोली शुगर फैक्ट्री में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने वन और वृक्षों को लेकर सारगर्भित बातें बताईं। खेती के संवर्धन के लिए उन्होंने ऑर्गेनिक खाद का उपयोग करने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने ऑर्गेनिक फार्मिंग यूनिवर्सिटी बनाने की बात कही, जिससे खेती को आधुनिक तौर-तरीकों के जरिए विकसित कर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने से बचाया जा सके।
वेस्ट से बेस्ट
राज्य में पहली बार सूरत एपीएमसी से रोज निकलने वाले करीब 35 टन ऑर्गेनिक कचरे की प्रोसेसिंग कर खाद और गैस तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री ने सहारा दरवाजा के पास सरदार पटेल एपीएमसी में 50 टन क्षमता के अर्गेनिक वेस्ट कन्वर्टर का भूमि पूजन किया। यहां कचरे की प्रोसेसिंग से रोज 16 सौ किलो ऑर्गेनिक खाद और दो हजार किलो गैस का उत्पादन होगा। इसके अलावा 16 हजार लीटर तरल फर्टिलाइजर भी तैयार होगा। मुख्यमंत्री ने 73 टन की फूड प्रोसेसिंग यूनिट का भी भूमि पूजन किया। दोनों प्लांट के लिए राज्य सरकार ने 11 करोड़ 25 लाख रुपए की सहायता दी है।

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