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स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का राष्ट्र के नाम संदेश

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नई दिल्ली: देश 70वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी ने राष्ट्र के नाम संदेश दिया। राष्ट्रपति ने हाल के दिनों में समाज के कमजोर वर्ग के लोगों, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि ये हमले राष्ट्रीय चरित्र के विरुद्ध हैं, जिनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि ये घटनाएं कुछ असामाजिक तत्वों के पथ के भटकाव के परिणाम हैं और उन्हें पूरी उम्मीद है कि ऐसे तत्व हाशिये पर ही रहेंगे और देश का आर्थिक विकास निर्बाध रूप से होता रहेगा। राष्ट्रपति ने अपने चार वर्ष के कार्यकाल के अनुभव बांटते हुए कहा, इन चार वर्षों में मैंने कुछ अशांत, विघटनकारी और असहिष्णु शक्तियों को सिर उठाते हुए देखा है। हमारे राष्ट्रीय चरित्र के विरुद्ध कमजोर वर्गों पर हुए हमले पथभ्रष्टता है, जिससे सख्ती से निपटने की आवश्यकता है। उन्होंने देश के मजबूत शासनतंत्र पर भरोसा जताते हुए कहा, देश के समाज और शासनतंत्र की सामूहिक समझ के कारण मुझे भरोसा है कि ऐसे तत्त्वों को निष्क्रिय कर दिया जाएगा और भारत की शानदार विकास यात्रा बिना रुकावट के आगे बढ़ती रहेगी।
महिलाओं एवं बच्चों के खिलाफ होती हिंसा की घटनाओं पर भी चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को दी गई सुरक्षा और हिफाजत देश और समाज की खुशहाली सुनिश्चित करती है। उन्होंने कहा, महिला या बच्चे के प्रति हिंसा की प्रत्येक घटना सख्यता की आत्मा पर घाव कर देती है। यदि हम इस कर्तव्य में विफल रहते हैं तो हम सख्य समाज कतई नहीं कहे जा सकते।

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