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चुनाव के समय भाजपा-सपा को राम की अयोध्या की याद क्यों : मायावती

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बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी पर धर्म की राजनीति व चुनावी लाभ से जोड़कर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। लखनऊ (जेएऩएन)। बहुजन समाज पार्टी की मुखिया मायावती ने भारतीय जनता पार्टी और समाजवादी पार्टी पर धर्म की राजनीति व चुनावी लाभ से जोड़कर इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने आज जारी बयान में कहा है कि अब प्रदेश में होने वाले विधानसभा आम चुनाव से ठीक पहले अयोध्या में केन्द्र की भाजपा सरकार द्वारा रामायण संग्रहालय और प्रदेश की सपा सरकार द्वारा रामलीला थीम पार्क बनाने की याद आई हैदशहरे के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब लखनऊ में जय श्रीराम का जयघोष किया तो साफ हो गया कि आने वाले वक्त में यूपी चुनाव के भंवर को पार करने के लिए सियासत राम के कंधे पर जरूर सवार होगी। इसके बाद राजनीति में राम की नैया में बैठने की होड़ शुरू हो गई है। आज हुई उत्तर प्रदेश प्रदेश कैबिनेट की बैठक में जो फैसला हुआ उससे साफ है कि राम के नाम पर राजनीति की पारा अभी और चढ़ने वाला है।
यूपी कैबिनेट में फैसला लिया गया है अखिलेश सरकार अयोध्या में इंटरनेशनल थीम पार्क बनाएगी। ये पार्क रामायण की थीम पर बनेगा, जिसमें लाइब्रेरी, मूर्तियां और वाटर फाल होंगे। पार्क में रामायण से जुड़े फोटोग्राफ्स लगाए जाएंगे। साथ ही पार्क में रामायण की कहानियों की फिल्में भी दिखाई जाएंगी। ये इंटरनेशनल थीम पार्क करीब 22 करोड़ की लागत से बनेगा। समाजवादी पार्टी से जब इस बारे में सवाल किया गया कि क्या ये चुनावी ऐलान है तो सपा का कहना है कि भगवान राम सबके हैं। विरोधियों के पास कोई मुद्दा नहीं है। सपा प्रवक्ता मोहम्मद शाहिद ने कहा कि भगवान राम किसी एक के नहीं हैं। हमारी सरकार पूरे प्रदेश का विकास कर रही है। अयोध्या का भी विकास करते रहे हैं। विकास के लिए हमारी सरकार के खिलाफ बोलने के लिए किसी के पास कुछ नहीं है, इसलिए बकवास की जा रही है।
एक तरफ अखिलेश ने अयोध्या में रामायण पर आधारित थीम पार्क बनाने का ऐलान किया तो केंद्र सरकार के संस्कृति मंत्रालय ने अयोध्या में रामायण म्यूजियम की नींव रखने का ऐलान किया है। इसके लिए मंगलवार को केंद्रीय मंत्री महेश शर्मा अयोध्या पहुंच रहे हैं। हालांकि महेश शर्मा का कहना है कि सरकार के इस फैसले को चुनाव से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
वहीं बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने राम की राजनीति को लेकर बीजेपी और सपा को निशाने पर लिया। मायावती ने कहा कि सपा और बीजेपी धर्म को राजनीतिक व चुनावी लाभ से जोड़कर इस्तेमाल कर रही है। मायावती ने पूछा है कि आखिर क्यों दोनों पार्टियों को चुनाव से ठीक पहले राम की याद आई है। माया ने कहा कि दोनों ही सरकारों को ये ध्यान देना होगा कि अयोध्या विवाद किसी तरह से प्रभावित ना हो क्योंकि ये मामला उच्चतम न्यायालय में सुनवाई के लिए लंम्बित है।mayawati1024_147671287052_650x425_101716074225
राम पर छिड़ी इस महाभाररत में अखिलेश ने जो दांव चला, उस पर बीजेपी सीधे हमला नहीं कर सकती। इसलिए वो अखिलेश पर वार तो कर रही है, लेकिन संभल-संभल कर। बीजेपी प्रवक्ता हरीश चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि यूपी कैबिनेट का ये फैसला अच्छा है पर नीयत अच्छी नहीं है। टाटा बाय करने का वक्त आया तो अयोध्या याद आया है। राम बीजेपी के लिए पुराना चुनावी मुद्दा रहा है। बाकी पार्टियां बीजेपी पर इस बात को लेकर हमला करती थीं। अब अखिलेश ने ऐसा दांव चला है कि बीजेपी सीधे उसका विरोध नहीं कर पा रही है। लेकिन इतना तय है कि आने वाले वक्त में यूपी में राम पर राजनीति तेज होने वाली है।

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