Home उत्तर प्रदेश CM कहें तो छोड़ दूं प्रदेश अध्यक्ष का पद-शिवपाल बोले

CM कहें तो छोड़ दूं प्रदेश अध्यक्ष का पद-शिवपाल बोले

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लखनऊ। समाजवादी पार्टी अपनी स्थापना के पचीसवें साल में दाखिल होने से पूर्व क्या बिखरने की ओर बढ़ रही है। निमंत्रण के बावजूद मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में शिवपाल यादव द्वारा बुलाई गई जिलाध्यक्षों की बैठक में हिस्सा नहीं लिया, लेकिन पूरे दिन करीबी मंत्रियों, युवा ब्रिगेड व कुछ जिलाध्यक्षों से मिलकर सियासी ताप भांपते रहे। उन्होंने बड़े बदलाव के संकेत के साथ संघर्ष को तैयार रहने का आह्वान किया। अब अखिलेश ने 23 अक्टूबर को कुछ एमएलए व एमएलसी की पांच, कालिदास मार्ग स्थित अपने आवास पर बैठक बुलाई है। यह इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इसके एक दिन बाद ही मुलायम सिंह विधायकों, सांसदों, पूर्व विधायकों, पूर्व सांसदों व विधान परिषद सदस्यों के साथ बैठक करने वाले हैं। जिस पर पूरी पार्टी की निगाहें हैं। शुक्रवार को प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव जिस समय जिलाध्यक्षों के साथ बैठक कर रहे थे, उसी समय अखिलेश अपने सरकारी आवास पर सपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष किरनमय नंदा, मंत्री अरविंद सिंह गोप, मंत्री अहमद हसन, राज्यसभा सदस्य विशम्भर निषाद, विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय, मंत्री राम मूर्ति वर्मा, राजेन्द्र चौधरी, कमाल अख्तर, शाहिद मंजूर, विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह और राज्यमंत्री शैलन्द्र उर्फ ललई यादव के साथ कुनबे में कलह, सियासी हाल और राजनीतिक स्थितियों पर चर्चा कर रहे थे। akhilesh-chunavi-ran-pkg-2010-sn.00_00_12_17.Still001-580x395
सूत्रों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने इन मंत्रियों से अपनी व्यथा साझा करते हुए यह तो कई बार कहा कि मुलायम सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष होने के साथ पिता भी हैं, मगर यह संकेत भी दिया कि बदली राजनीतिक चुनौतियों के लिए सबको तैयार रहना होगा।

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