Home उत्तर प्रदेश पिता से लेकर अमर सिंह तक, CM ने राेते-रोते कहीं ये 10...

पिता से लेकर अमर सिंह तक, CM ने राेते-रोते कहीं ये 10 बड़ी बातें

42
0
Listen to this article

लखनऊ, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता सोमवार को मिले तो ‘गृह युद्ध’ खत्म करने के लिए, लेकिन ‘कलह’ बढ़ गयी। यादव परिवार के लोग एक दूसरे पर आरोप लगाते रहे और कोई नतीजा नहीं निकल पाया। नौबत धक्का-मुक्की व माइक छीनने तक पहुंच गयी। एक बार गले मिलने की शुरू हुई कोशिश गले पड़ने पर खत्म हुई। मुलायम के भाई शिवपाल और पुत्र अखिलेश ने एक-दूसरे पर जमकर जुबानी तीर चलाये। देर शाम तल्खी तब और ज्यादा सामने आयी जब अखिलेश से मिलने गये शिवपाल को बैरंग लौटना पड़ा। उधर, अखिलेश अपने पिता से अलग से मिलने गये। कोशिशों पर फिरा पानी : सपा सुप्रीमो ने ‘मृतशैया’ में पड़ी सपा की ‘गहन चिकित्सा’ पर उसे खतरे से बाहर निकालने का प्रयास किया। पार्टी के सांसदों, विधायकों, विधानसभा चुनाव लड़ रहे प्रत्याशियों, ब्लाक प्रमुखों की बैठक में मुलायम ने पहले तो कहा कि सीएम अखिलेश ही रहेंगे फिर उन्हीं को आगाह किया कि अकेले चुनाव लड़ने की सोचें भी नहीं। यदि भाजपा सत्ता में आ गई तो दोबारा सीएम नहीं बन पाओगे। एक समय लगा कि मुलायम सुलह कराने के अपने मिशन पर कामयाब हो गए हैं। तभी मंच पर सीएम अखिलेश व उनके चाचा शिवपाल के बीच आशु मलिक को लेकर झड़प हो गयी। बैठक में जब ये तकरार और हाथापाई चल रही थी तब बाहर भी दोनों नेताओं के समर्थक नारेबाजी और मारपीट में उलझे हुए थे। जन्मदिन है, आशीर्वाद नहीं देंगे : मुलायम उस समय पिघल गए जब अखिलेश ने कहा, ‘आज मेरा जन्मदिन है आशीर्वाद नहीं देंगे।’ तभी अखिलेश ने मुलायम के पैर छुए और नेताजी ने उन्हें गले लगा लिया। जुबां पर आ गयी दिल की बात अमर सिंह न होते तो मैं जेल में होता : मुलायम झगड़े का कारण जब सांसद अमर सिंह को बताया गया तो मुलायम सिंह बिफर गये। उन्होंने कहा, ‘अमर न होते तो आज मैं जेल में होता।’ यही नहीं, मुलायम ने शिवपाल को जन नेता बताया। मुलायम ने बेटे अखिलेश से पीएम मोदी से सीख लेने की सलाह दी जो पीएम बनने के बाद भी अपनी मां का पूरा ख्याल रखते हैं। मुलायम ने कहा, ‘जिन चापलूसों से सीएम घिरे हैं, उनमें एक लाठी खाने की भी कूबत नहीं है।’ अखिलेश बनाने चले थे नयी पार्टी : शिवपाल अपने भतीजे पर खुलकर प्रहार करते हुए शिवपाल यादव ने मुलायम से अपील की, ‘उत्तरप्रदेश की बागडोर अपने हाथ में ले लें।’ उन्होंने कहा, ‘मैं गंगा की सौगंध खा सकता हूं। हाल में मैं मुख्यमंत्री से मिलने गया था। उन्होंने कहा कि वह नयी पार्टी बनाएंगे और कुछ दलों से गठबंधन करेंगे।’ अमर सिंह का मजबूती से शिवपाल ने भी साथ दिया और कहा, ‘अमर सिंह के चरणों की धूल भी नहीं हो आप लोग।’
मैंने भी बहुत किया, छोड़ दूंगा पद :अखिलेश बैठक के दौरान अखिलेश रो पड़े। उन्होंने कहा, ‘नेताजी (मुलायम) जिसे ईमानदार समझें उन्हें सीएम बना दें। मुझ पर नयी पार्टी बनाने की कोशिश के आरोप लग रहे हैं, मैं ऐसा क्यों करूं?’ उन्होंने कहा कि कई लोग मेरे परिवार के अंदर विभाजन का प्रयास करते रहे हैं। राज्यसभा सदस्य अमर सिंह पर उन्होंने निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘अमर सिंह ने कहा था-अक्तूबर में बड़े बदलाव होंगे।’ आजम के बाद नये मुस्लिम नेता आशु मलिक पर बवाल सपा के नये मुस्लिम चेहरा और एमएलसी आशु मलिक पर भी बवाल मचा है। बताया जाता है कि उन्होंने मुलायम को चिट्ठी लिखकर कहा कि पार्टी से मुस्लिम छिटक रहे हैं। सोमवार को बैठक के दौरान अखिलेश ने उनकी चिट्ठी को सार्वजनिक करने की मांग की। इसी पर बड़ा बवाल मचा। आशु ने आरोप लगाया कि सीएम आवास में उन्हें चांटे मारे गये। कुछ मसलों पर अहम भूमिका निभाने के बाद उनका कद पार्टी में बढ़ गया। इससे मंत्री आजम खान ने उनके खिलाफ मोर्चा खोला है। इस बीच सपा से निष्कासित रामगोपाल यादव ने चेतावनी भरे अंदाज में कहा है, ‘अगर शिवपाल यादव और अमर सिंह मेरे खिलाफ कहीं बोलकर सुरक्षित लौट आएं तो मैं मान जाऊंगा कि मैंने सही राजनीति नहीं की है।’ साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि मुलायम उनके गुरु हैं और धर्म युद्ध में वह अखिलेश के साथ हैं।
मोदी बोले-एक को परिवार, दूसरे को कुर्सी और हमें राज्य की चिंता महोबा : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है, ‘यूपी ने राजनीति बहुत देखी है। …कभी सपा, कभी बसपा। एक को परिवार बचाने की चिंता है और दूसरे को कुर्सी चाहिए। हमें प्रदेश की चिंता है।’ उन्होंने अच्छी और बुरी सरकार की बात करते हुए कहा कि बुंदेलखण्ड का एक हिस्सा मध्य प्रदेश में है तो दूसरा हिस्सा यूपी में। एमपी में विकास हुआ यहां नहीं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here