Home जम्मू-काश्मीर दिल्ली में पाक की जासूसी पकड़ी तो सीमा पर निकाला गुस्सा

दिल्ली में पाक की जासूसी पकड़ी तो सीमा पर निकाला गुस्सा

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पाक जासूसी मामले में पकड़े गए दो आरोपियों को गुरुवार को अदालत के समक्ष पेश किया गया। जहां से दोनों आरोपियों को इस साजिश का खुलासा करने के मकसद से 12 दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया गया। अपराध शाखा की गिरफ्त में आया यह जासूसी मॉड्यूल बीते डेढ़ वर्ष से सक्रिय था। गिरोह के सदस्य प्रत्येक माह दिल्ली में आकर एक बार मुलाकात करते थे। एक माह के भीतर मिली जानकारी को वह इस मुलाकात में महमूद अख्तर से सांझा किया जाता था। इस जानकारी एवं दस्तावेज की अहमियत को देखते हुए महमूद उन्हें नकद रुपये देता था। यह रकम दस हजार से लेकर 50 हजार रुपये के बीच रहती थी। पुलिस उन लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है, जिनसे गिरफ्तार किए गए आरोपी दस्तावेज लेकर आते थे। पाक उच्चायुक्त में निकला ISI एजेंट, डेढ़ साल से तैयार कर रहा था जासूस पुलिस के अनुसार पाक दूतावास में आने के बाद से महबूब अख्तर ऐसे लोगों की तलाश में जुटा हुआ था, जो भारतीय सेना की खुफिया जानकारी उसे मुहैया करवा सकें। लगभग दो साल पहले उसकी मुलाकात जोधपुर निवासी शोएब से हुई थी। शोएब जोधपुर में रहने वाले लोगों का वीजा लगवाने का काम करता था। वह वीजा लगवाने के लिए ही पाकिस्तान दूतावास में गया था, जहां उसकी मुलाकात महमूद से हुई। बातचीत के दौरान रुपयों का लालच देकर उसने शोएब को बॉर्डर पर तैनात सेना से संबधित जानकारी मुहैया कराने के लिए तैयार कर लिया। शुरू में वह राजस्थान में तैनात सेना के जवानों की जानकारी देता था। लगभग डेढ़ साल पहले शोएब नागौर के गांधी मार्केट में रहने वाले मौलाना रमजान से मिला। रमजान वहां की मस्जिद में नमाज पढ़वाने के साथ ही छात्रों को भी पढ़ाता था। उसकी आर्थिक हालत अच्छी नहीं थी। इसका फायदा उठाते हुए शोएब ने उसे जासूसी करने के लिए तैयार कर लिया। उसने रमजान की मुलाकात पाक दूतावास में कार्यरत महमूद से करवाई। इस मॉड्यूल का विस्तार करने के लिए रमजान ने सुभाष को अपने साथ शामिल कर लिया। पाकिस्तानी जासूस को खुफिया जानकारी देने वाला पुलिस अधिकारी सस्पेंड दरअसल, सुभाष गांधी मार्केट में ही परचून की दुकान चलाता था। इस कारोबार में उसे काफी घाटा हुआ था। यह बात रमजान को पता थी। इसका फायदा उठाते हुए उसने सुभाष को रुपयों का लालच देकर जासूसी के लिए तैयार कर लिया। पुलिस सूत्रों के अनुसार, बीते डेढ़ वर्ष से यह तीनों लोग महमूद अख्तर को भारतीय सेना एवं रक्षा विभाग से जुड़ी जानकारी मुहैया करा कर रुपये कमा रहे थे। दस माह में पकड़ा गया तीसरा मॉड्यूल
बीते दस माह में पाकिस्तान के लिए जासूसी करने वाले तीसरे मॉड्यूल का पर्दाफाश अपराध शाखा ने किया है। दिसंबर 2015 में पुलिस ने बीएसएफ के जवान सहित कुछ लोगों को जासूसी करने के आरोप में जम्मू से गिरफ्तार किया था। वहीं जनवरी माह में अपराध शाखा ने पठानकोट से एयरफोर्स के जवान रंजीत को गिरफ्तार किया था। कई मॉड्यूल सक्रिय होने की जानकारी पुलिस के अनुसार, इस जासूसी प्रकरण में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। यह पता चला है कि जासूसी प्रकरण में एक-दो नहीं बल्कि, कई मॉड्यूल शामिल हैं। पाक दूतावास में बैठा आईएसआई का एजेंट विभिन्न तरीकों से भारतीय लोगों को फंसाकर उनसे जानकारी हासिल कर रहा था। पुलिस का मानना है कि ऐसे आधा दर्जन से अधिक मॉड्यूल सक्रिय हैं। इनके बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास किया जा रहा है। MaulanaRamzanSubhashJangirdone-27-10-2016-1477585166_storyimage

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