Home पंजाब एसआईटी से 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच करवाने की मांग

एसआईटी से 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच करवाने की मांग

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चंडीगढ़: आम आदमी पार्टी की पंजाब इकाई सिख दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर तीन नवंबर को मोहाली में एक दिन की भूख हड़ताल करेगी। हड़ताल में प्रदेश संयोजक गुरप्रीत सिंह घुग्गी, सांसद भगवंत मान पार्टी उम्मीदवार एच.एस. फूलका, हिम्मत सिंह शेरगिल, कंवर संधू, सुखपाल खैहरा और दिल्ली के विधायक एवं पंजाब मामलों के सह प्रभारी जरनैल सिंह समेत कई नेता भाग लेंगे। जरनैल सिंह ने मंगलवार यहां पत्रकारों से कहा कि उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को एक पत्र लिखकर दंगा पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग की है। इस बारे में मोदी सरकार ने एसआईटी गठित करके सभी मामलों को फिर से खुलवाने का वायदा किया था लेकिन अब तक कुछ भी सामने नहीं आया। ऐसा रवैया आरोपियों को बचाने के लिए अपनाया जा रहा है।
1984 के सिख दंगों के 75 मामलों को फिर खोलेगी SIT: मोदी सरकार
इसके अलावा आप ने तीन नवंबर को मोहाली में दंगे प्रभावित लोगों को इंसाफ दिलान के लिए एक दिन की भूख हड़ताल करने का भी एलान किया है.
पहले भी आप ने एसआईटी गठित करने की मांग की थी
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने छह जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर एसआईटी को ढकोसला करार दिया था. केजरीवाल ने लिखा था, “एसआईटी एक भी मामले को खोलने में नाकाम रही है. मैं आपसे आग्रह करता हूं कि या तो आप अपने एसआईटी को कुछ करने दें या कृपा करके इस एसआईटी को खत्म करके दिल्ली सरकार को उचित जांच और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए एसआईटी गठित करने दें.”Default (1)
कितने सिखों की हुई थी हत्या

इंदिरा गांधी की सिख अंगरक्षकों द्वारा 31 अक्टूबर 1984 को हत्या किए जाने के बाद दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और अन्य राज्यों में हुए दंगों में 3 हजार 325 लोग मारे गए थे. अकेले दिल्ली में 2733 लोगों की हत्या हुई थी. दिवंगत एच. के. एल. भगत, सज्जन कुमार और जगदीश टाइटलर सहित कांग्रेस के कई नेता इन दंगों में शामिल रहने और अपराध में संलिप्तता के आरोपी बनाए गए थे. मई में केंद्र सरकार ने सिख विरोधी दंगों से प्रभावित ऐसे 1020 परिवारों का मुआवजा बढ़ाने की स्वीकृति दे दी थी जो देश के अलग-अलग राज्यों से विस्थापित होकर पंजाब चले गए थे.
माथुर कमेटी का किया था गठन
नरेंद्र मोदी सरकार ने 2014 दिसंबर में सिखों की विभिन्न शिकायतों को देखने के लिए सेवानिवृत्त न्यायाधीश जी. पी. माथुर कमेटी का गठन किया था. इसकी अनुशंसा पर केंद्र सरकार ने पीड़ित परिवारों के सदस्यों का कौशल विकास मंत्रालय और पंजाब सरकार के जरिए कौशल विकास करने या पहले से हुनरमंद हैं तो उसे और बढ़ाने का आदेश दिया था.

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