सरकार कुमार कानाणी जैसे निडर MLA के पत्रों की कद्र नहीं करती: प्रताप दुधात
वडगाम के विधायक जिग्नेश मेवाणी के बयान के बाद गुजरात की राजनीति में गर्माहट देखने मिल रही है। पुलिस के खिलाफ की गई टिप्पणियों के बाद राज्य में जैसे ‘पुलिस बनाम विपक्ष’ जैसी स्थिति बन गई है। इसी क्रम में अब कांग्रेस के फायरब्रांड नेता और पूर्व विधायक प्रताप दुधात ने सूरत की यात्रा कर सरकार और पुलिस विभाग के कुछ अधिकारियों पर निशाना साधा है। आज सूरत में प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रताप दुधात ने ड्रग्स, भ्रष्ट पुलिस अधिकारियों और बीजेपी विधायक कुमार कानाणी के पत्रों का हवाला देते हुए राज्य सरकार पर कड़े हमले किए।
‘उड़ता गुजरात नहीं, यह तो झूमता गुजरात है’: प्रताप दुधात
गुजरात में पिछले एक सप्ताह से ड्रग्स और नशे के कारोबार का मुद्दा सुर्खियों में है। इस मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए प्रताप दुधात ने कहा कि जैसे पंजाब ड्रग्स के कारण ‘उड़ता पंजाब’ कहलाता था और वहां की युवापीढ़ी बर्बाद हुई थी, उसी तरह आज गुजरात की स्थिति उससे भी अधिक खराब होती जा रही है। गुजरात अब ‘उड़ता गुजरात’ नहीं बल्कि ‘झूमता गुजरात’ बन गया है।
‘कुछ अधिकारी वर्दी की गरिमा भूलकर पार्टी के एजेंट बन गए हैं’
प्रताप दुधात ने आरोप लगाया कि कुछ उच्च पुलिस अधिकारी वर्दी की मर्यादा भूल गए हैं और एक राजनीतिक पार्टी के एजेंट बन गए हैं। उन्होंने मांग की कि कुछ IPS अधिकारियों की संपत्ति की जांच होनी चाहिए—यह पैसा किस स्रोत से आया और कौन से ‘गलत धंधों’ से आया, इसकी जांच एजेंसियों से करानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आज है, कल नहीं होगी। गलत लोगों की बेल्ट आज नहीं तो कल उतर ही जानी है। कांग्रेस ने अंग्रेजों को हटाया था, तो हम मुट्ठीभर अधिकारियों से डरने वाले नहीं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक दिलचस्प मोड़ तब आया जब कांग्रेस नेता ने बीजेपी के वराछा विधायक कुमार कनई की तारीफ की। दुधात ने कहा कि कुमारभाई निडर और जांबाज़ व्यक्ति हैं। वे जनता के मुद्दों पर बार-बार सरकार को पत्र लिखते हैं और गलत चीजों के खिलाफ आवाज भी उठाते हैं। लेकिन दुख की बात यह है कि सरकार अपने ही विधायक के पत्रों की कोई ‘कद्र’ नहीं करती, न जवाब देती है और न समस्या हल करती है।



