Home News वर्दी की मर्यादा टूटी: हाईकोर्ट में अधिवक्ता के चैम्बर में दबिश, 3...

वर्दी की मर्यादा टूटी: हाईकोर्ट में अधिवक्ता के चैम्बर में दबिश, 3 पुलिसकर्मी सस्पेंड; दो मुकदमे दर्ज.

10
0
Listen to this article

लखनऊ हाईकोर्ट परिसर की गरिमा और सुरक्षा से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। बिना पास और कथित संगठित तरीके से अधिवक्ता के चैम्बर में दबिश देने वाले तीन पुलिसकर्मियों के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। प्रकरण सामने आते ही पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।

हाईकोर्ट रजिस्ट्रार और अधिवक्ता की ओर से विभूतिखंड थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई है। वहीं, विश्वजीत श्रीवास्तव, पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी) ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तीनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच सहायक पुलिस आयुक्त (चौक) को सौंप दी है।

क्या है पूरा मामला

अधिवक्ता सज्जाद हुसैन के अनुसार, दारोगा उस्मान खान, दारोगा लाखन सिंह और कांस्टेबल पुष्पेन्द्र सिंह (थाना काकोरी) 19 जनवरी 2026 को एक मुकदमे की विवेचना का हवाला देकर बिना विधिक अनुमति हाईकोर्ट परिसर में दाखिल हुए। आरोप है कि तीनों पुलिसकर्मी एडवोकेट चैम्बर संख्या C-515, ब्लॉक-C में घुसे और अधिवक्ता गुफरान सिद्दीकी तथा उनके साथ मौजूद आमिना खातून को पकड़ने का प्रयास किया।

जब अधिवक्ताओं ने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों पर धौंस जमाने और अभद्र भाषा के प्रयोग का आरोप भी लगाया गया है। घटना की सूचना तत्काल हाईकोर्ट सुरक्षा रजिस्ट्रार और पुलिस चौकी को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंचे सुरक्षा कर्मियों ने तीनों को हाईकोर्ट पुलिस चौकी के सुपुर्द कर दिया।

CCTV और रजिस्टर ने खोली पोल

निबंधक (सुरक्षा) द्वारा कराई गई प्रारंभिक जांच में कई गंभीर तथ्य सामने आए।

* प्रवेश रजिस्टर और CCTV फुटेज से स्पष्ट हुआ कि पुलिसकर्मियों ने हाईकोर्ट में प्रवेश के लिए एडवोकेट जनरल/CSC कार्यालय जाने का कारण बताया था, जो असत्य निकला।

* जिस अपराध संख्या 320/25, थाना काकोरी का हवाला दिया गया, वह उस दिन न्यायालय में सूचीबद्ध ही नहीं था।

* फुटेज में तीनों पुलिसकर्मी चैम्बर C-515 के पास देखे गए, जबकि उनकी प्रवेश पर्ची CSC कार्यालय के नाम से बनी थी।

इन तथ्यों के आधार पर प्रथम दृष्टया यह निष्कर्ष निकला कि झूठा कारण बताकर हाईकोर्ट परिसर में अनाधिकृत प्रवेश किया गया, जो न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर सेंध का मामला है।

विभूतिखंड थाना प्रभारी अमर सिंह ने बताया कि एक मुकदमा अधिवक्ता की तहरीर पर और दूसरा हाईकोर्ट रजिस्ट्रार की ओर से दर्ज किया गया है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस उपायुक्त पश्चिमी ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य यह जानना है कि इस कृत्य के पीछे मंशा क्या थी और इसमें और कौन-कौन जिम्मेदार हैं। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here